बंगाल में दुर्गा पूजा का भव्य आरंभ, इन 3 खास अनुष्ठानों से सजेगा त्योहार
बंगाल में दुर्गा पूजा 16 अक्टूबर को महाषष्ठी के अनुष्ठानों के साथ शुरू हो रही है, जिससे त्योहार के कई दिनों के जश्न की शुरुआत हो जाएगी।
पहले दिन 3 मुख्य रीतियां निभाई जाती हैं। पहली है कल्पारंभ, जिससे पूजा की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत होती है। दूसरी रीत है अकाल बोधन, इसमें माता दुर्गा का विशेष आह्वान कर उन्हें पूजा के लिए बुलाया जाता है। यह विधि भगवान राम की प्रार्थना से प्रेरित है और तीसरी है बिल्व निमंत्रण, जिसमें पवित्र बेल के पेड़ के माध्यम से माता को आमंत्रित किया जाता है। ये तीनों रीतियां अपने आप में खास हैं और त्योहार की आध्यात्मिक ऊर्जा को और बढ़ा देती हैं।
महालया के बाद पंडाल सजते हैं और उमड़ती है भीड़
महालया 10 अक्टूबर को पड़ते ही बंगाल में रौनक छा जाती है, सजे हुए पंडालों में लोगों की भीड़ उमड़ने लगती है।
यह माहौल महाषष्ठी के दिन और भी जीवंत हो उठता है। त्योहार का जोश कम नहीं होता, बल्कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिनों में और भी अनुष्ठान होते हैं।
इन दिनों लोग न सिर्फ अपनी परंपराओं से जुड़े रहते हैं, बल्कि एक साथ जश्न मनाते हुए माता दुर्गा की भक्ति में लीन रहते हैं।