असम में पनीर के 70 प्रतिशत नमूने फेल, अब बताना होगा कहां से आया पनीर
असम में इस साल जांच किए गए पनीर के करीब 70 फीसदी नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। कुल 60 नमूनों में से 41 को खराब पाया गया, जिनमें 36 घटिया क्वालिटी के थे और 5 खाने के लिए असुरक्षित निकले।
असम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने जानकारी दी कि घटिया क्वालिटी के खाने के लिए 5 लाख रुपये तक, असुरक्षित खाने के लिए 10 लाख रुपये तक, और गलत ब्रांडिंग के लिए 3 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। असुरक्षित खाना बेचने के मामलों में जेल भी हो सकती है।
व्यापारियों के लिए पनीर का स्रोत बताना अनिवार्य हुआ
असम में खाने की चीजों की सुरक्षा जाँच बढ़ाई जा रही है। अब व्यापारियों को यह भी बताना होगा कि उनका पनीर कहां से आया है, नहीं तो उन्हें खुद ही उस पनीर का निर्माता माना जाएगा।
मंत्री सिंघल ने ग्राहकों से अपील की कि वे पनीर खरीदते समय सतर्क रहें और सुनिश्चित करें कि जो उत्पाद वे खरीद रहे हैं, वे खाने के सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हों। उन्होंने यह भी बताया कि ज्यादातर पनीर असम के बाहर से आता है, इसलिए सतर्क रहना और भी जरूरी है।