मानसून ने केरलम को दिया धोखा, 23 प्रतिशत कम बारिश से गहराया जल संकट
केरलम में इस साल मानसून औसत से काफी कमजोर रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 अगस्त तक राज्य में 23 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। जून महीने से अब तक केरल में सिर्फ 1,278.7 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो इसके सामान्य औसत 1,671.4 मिलीमीटर से बहुत कम है। इस कमी के कारण केरलम मानसून की बारिश के मामले में घाटे वाले राज्यों की श्रेणी में आ गया है।
वायनाड में 51 प्रतिशत और इडुक्की में 45 प्रतिशत कम बारिश
कुछ जिलों पर मानसून की इस बेरुखी का असर दूसरों से कहीं ज्यादा पड़ा है। वायनाड इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां 51 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है। इडुक्की भी ज्यादा पीछे नहीं है, यहां भी 45 प्रतिशत कम बारिश हुई है। कोल्लम, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों में 26 से 30 प्रतिशत के बीच बारिश की कमी देखने को मिली। इसी तरह अलाप्पुझा और एर्नाकुलम में अपने औसत से लगभग एक चौथाई यानी 25 प्रतिशत कम बारिश हुई।
लक्षद्वीप में 27 प्रतिशत की कमी
लक्षद्वीप में भी बारिश में 27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, माहे में 15 प्रतिशत की कमी होने के बावजूद, यहां बारिश सामान्य मानी गई है। पथनमथिट्टा और तिरुवनंतपुरम जिलों में इस बार मानसून का प्रदर्शन औसत के करीब ही रहा।