IMD की गंभीर चेतावनी: 2026 में सिर्फ 90 प्रतिशत मानसून, सूखे की 60 प्रतिशत संभावना
देश के मौसम विभाग यानी IMD ने 2026 के मानसून के लिए अपना अनुमान घटाकर नया अनुमान जारी किया है। IMD के अनुसार, इस साल जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश सामान्य से सिर्फ 90 प्रतिशत होगी। यह पहले के अनुमान से काफी नीचे है, जिससे इस साल देश के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति बनने की 60 प्रतिशत संभावना है। इसकी सबसे बड़ी वजह 'अल नीनो' है, जो बारिश के पैटर्न को बिगाड़ देता है और गर्मी बढ़ाता है।
गर्मी की लहरें, देरी से मानसून, किसानों के लिए खतरा
उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जून में सामान्य से ज्यादा गर्मी की लहरें चलने की संभावना है। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि 'अल नीनो' का असर पूरे सीजन में और भी ते होता जाएगा, जिससे बारिश कम और अनियमित होगी। इसके अलावा, मानसून भी देरी से आ रहा है। पहले 26 मई को इसके आने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह केरल में 6 जून के आसपास पहुंच सकता है। बारिश पर निर्भर रहने वाले किसानों के लिए ये देरी बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर मध्य और पश्चिमी भारत के इलाकों पर पड़ सकता है, जहां फसलें बर्बाद होने की आशंका है और ग्रामीण समुदायों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।