IIT-दिल्ली में 7 मौतों के बाद भी नहीं जागे, ऋषिकेश केस पर छात्रों का उबाल
IIT-दिल्ली के छात्र 31 साल के MSc फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की कथित आत्महत्या के मामले में लगातार 5वें दिन प्रदर्शन कर रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि छात्र कल्याण डीन अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही, वे चाहते हैं कि इस मामले की स्वतंत्र जांच हो और कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले।
यह आंदोलन 24 अगस्त को शुरू हुआ था और इसमें अलग-अलग विभागों के छात्र एक साथ आ गए हैं। प्रदर्शनकारी छात्र यह भी चाहते हैं कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।
छात्र कर रहे स्वतंत्र जांच की मांग
छात्रों का कहना है कि कुमार की मौत कोई अकेला मामला नहीं है। साल 2023 के बाद से IIT-दिल्ली में 7 और छात्रों ने आत्महत्या की है। वे पूर्व छात्रों से समर्थन की अपील कर रहे हैं और पढ़ाई में मदद की कमी और रहने की समस्याओं जैसे लगातार बने मुद्दों को उठा रहे हैं।
प्रशासन ने दिल्ली हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज मुक्ता गुप्ता की अगुवाई में एक कमेटी बनाई है, लेकिन छात्र पूरी तरह से स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। डायरेक्टर रंगन बनर्जी ने इस त्रासदी को "एक चेतावनी" बताया है और सुधारों का वादा किया है, लेकिन छात्र कह रहे हैं कि गहरी समस्याएं अभी भी अनसुलझी हैं, इसलिए विरोध प्रदर्शन जारी हैं।