IIT दिल्ली छात्र आत्महत्या: जांच सितंबर अंत तक खिंची, छात्रों के सवालों का इंतजार
IIT दिल्ली ने 31 साल के MSc के छात्र की दुखद आत्महत्या के मामले में चल रही जांच की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने खुद ही जांच की मियाद बढ़ाने की अपील की थी।
अब इस समिति को अपना काम पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक का समय मिल गया है। यह जानकारी रजिस्ट्रार अतुल व्यास ने दी।
छात्र कर रहे हैं जांच और इस्तीफों की मांग
22 अगस्त को छात्र की मौत के बाद कैंपस में हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन चले थे। छात्रों ने मांग की थी कि कुछ अधिकारियों को पद से हटाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने संस्थान की कथित गलतियों की स्वतंत्र जांच, पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की मदद और प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सुरक्षा की भी मांग की थी।
पहले इस मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी, जिसे बाद में रिटायर्ड जज जस्टिस गुप्ता को अध्यक्ष बनाकर फिर से गठित किया गया। यह कदम दिखाता है कि आईआईटी दिल्ली इस दुखद घटना के बाद अपनी जवाबदेही निभाना और छात्रों की बात सुनना चाहता है।