IIM बेंगलुरु के छात्रों ने खुद बनाया AI चैटबॉट, अब परीक्षा में भी उसी से देंगे जवाब
IIM बेंगलुरु में पहली बार ऐसा हुआ है कि 78 MBA छात्रों को अपनी अर्ध-वार्षिक परीक्षाओं में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट इस्तेमाल करने की इजाजत मिली। संस्थान ने AI को बैन करने की बजाय, छात्रों को पिछले महीने भर में अपने चैटबॉट बनाने के लिए कहा। फिर इन्हीं छात्रों ने निगरानी में हुई परीक्षा में उनका इस्तेमाल भी किया। छात्रों को इस बात पर नंबर मिले कि उन्होंने अपने चैटबॉट डिजाइनों में पढ़ाई के कॉन्सेप्ट्स को कितनी अच्छी तरह इस्तेमाल किया और चैटबॉट ने सवालों के कितने सही जवाब दिए।
अलग-अलग नीतियों के साथ AI को अपना रहे हैं कैंपस
सिर्फ IIM बेंगलुरु ही नहीं, IIM अहमदाबाद और IISR पुणे जैसे संस्थान भी अब कक्षाओं में AI को शामिल कर रहे हैं। अहमदाबाद में इसका इस्तेमाल केस स्टडी की चर्चाओं को और मजेदार बनाने के लिए होता है, वहीं IISR पुणे में प्रोफेसर की मंजूरी के बाद असाइनमेंट के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां तक कि हार्वर्ड भी अपने नियमों में बदलाव कर रहा है ताकि पढ़ाई के कोर्स में AI को शामिल किया जा सके। इससे पता चलता है कि यह तकनीक दुनिया भर में छात्रों की जिंदगी का तेजी से हिस्सा बन रही है।