विदेश में पढ़ाई का सपना हुआ महंगा! फीस, वीजा और खर्च से टूट रहे छात्रों के हौसले
अगर आपका भी विदेश में पढ़ने का मन है, लेकिन किसी वजह से अब आप पीछे हट रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। IDP की एक नई रिपोर्ट बताती है कि 43 प्रतिशत हिंदुस्तानी छात्रों ने विदेश में पढ़ाई करने का अपना प्लान सिर्फ इसलिए रद्द किया क्योंकि ट्यूशन फीस उनके बजट से बाहर थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 32 प्रतिशत लोगों के लिए वहां रहने का बढ़ता खर्च एक बड़ी समस्या बन गया, वहीं 28 प्रतिशत लोगों ने वीजा के सख्त नियमों को विदेश जाने से रोकने वाली मुख्य वजह बताया।
पढ़ाई के बाद करियर की संभावनाएं ही चुनती हैं पढ़ाई की मंजिल
इन तमाम रुकावटों के बावजूद, बहुत से छात्र विदेश में पढ़ाई के लिए जगह चुनते समय सबसे पहले वहां मिलने वाले करियर के मौकों को देखते हैं। ऑस्ट्रेलिया इस मामले में अभी भी सबसे आगे है, क्योंकि वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के अच्छे अवसर मिलते हैं। यूके को हुनर बढ़ाने और आत्मविश्वास जगाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, जिसके बाद कनाडा का नंबर आता है। जिन छात्रों की प्राथमिकता पढ़ाई के बाद अच्छी नौकरी पाना है, उनके लिए कनाडा, अमेरिका और न्यूजीलैंड भी बेहतरीन विकल्प हैं। इन देशों में नौकरी मिलने की अच्छी संभावना और पढ़ाई के बाद ठहरने के मौके भी बहुत होते हैं, इसीलिए ये छात्रों की खास पसंद बने हुए हैं।