ICMR की चौंकाने वाली रिपोर्ट: 90 प्रतिशत भारतीयों में खामोशी से पनप रहा 'दिल का दुश्मन'
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक नई स्टडी में सामने आया है कि लगभग 90 प्रतिशत भारतीय वयस्कों के खून में कोलेस्ट्रॉल या वसा का स्तर सामान्य नहीं है। इस समस्या को 'डिसलिपिडेमिया' कहते हैं। आमतौर पर यह शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाती, लेकिन चुपचाप दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।
'अच्छे' कोलेस्ट्रॉल की कमी सबसे आम समस्या
'अच्छा' कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम होना सबसे आम समस्या रही, जिससे करीब दो-तिहाई लोग प्रभावित थे। उच्च 'बुरा' कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा हुआ स्तर भी बड़ी संख्या में लोगों में देखा गया।
सबसे ज्यादा मामले मध्य भारत में मिले, लेकिन देश का कोई भी हिस्सा इससे अछूता नहीं रहा। महिलाओं, शहरी लोगों और डायबिटीज या मोटापे से जूझ रहे लोगों में यह समस्या ज्यादा पाई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित जांच और जीवनशैली में छोटे बदलाव, जैसे बेहतर खानपान और शारीरिक सक्रियता बढ़ाना, दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं।