वायुसेना को 114 राफेल, हर साल 40 विमानों की दरकार; एयर चीफ मार्शल ने बताई योजना
भारतीय वायु सेना को अपने फाइटर जेट की संख्या में एक बड़ी कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन के मुकाबले उनके पास अभी सिर्फ 29 स्क्वाड्रन हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए, भारतीय वायु सेना हर साल 36 से 40 नए जेट शामिल करने की योजना बना रही है।
वे 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए बातचीत भी कर रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर भारत में ही बनाए जा सकते हैं। AMCA प्रोजेक्ट में हो रही देरी को देखते हुए, वायु सेना रूस के Su-57 जेट विमानों पर भी विचार कर रही है।
सिंह ने स्वदेशी रक्षा तकनीक पर जोर दिया
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि देश में बनी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। खासकर भविष्य की जरूरतों के लिए अपने खुद के जेट इंजन बनाना खास तौर पर अहम है। उन्होंने यह भी बताया कि अब हवाई ऑपरेशंस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक बहुत जरूरी हो गई है।
ड्रोन भी अब उनकी मुख्य इकाई का हिस्सा बन चुके हैं, वे सिर्फ सहायक उपकरण नहीं रहे। सिंह ने इस दौरान फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार ने जबरदस्त शारीरिक और मानसिक दृढ़ संकल्प दिखाया।