हैदराबाद ने मारी बाजी, बेंगलुरु-चेन्नई को पछाड़ बना भारत का नया डाटा हब
भारत में डाटा सेंटरों के लिए हैदराबाद तेजी से नया पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है। इसने चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है।
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल देश की कुल चालू डाटा सेंटर क्षमता (178 मेगावाट) में हैदराबाद और ऐसे ही दूसरे उभरते बाजारों की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी है, लेकिन अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा करीब 6 गुना बढ़कर 1.1 गीगावाट तक पहुंच सकता है। तब देश की अनुमानित कुल 5.65 गीगावाट चालू क्षमता का लगभग 20 फीसदी हिस्सा इन्हीं शहरों का होगा।
AI और क्लाउड से 250 अरब डॉलर का निवेश
इस तेजी के पीछे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डाटा स्टोरेज को लेकर सख्त होते नियमों की बढ़ती मांग है। पिछले 12 महीनों में गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों के साथ-साथ कई बड़े उद्योग समूहों और स्वतंत्र ऑपरेटरों ने भारत में 250 अरब डॉलर से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है।
हैदराबाद को बड़े-बड़े और लगातार उपलब्ध भूखंड, भविष्य में बिजली की उपलब्धता और हाइपरस्केलर्स और AI कंपनियों से अच्छी मांग जैसी वजहों से खास पहचान मिल रही है। हालांकि, ट्रांसमिशन क्षमता की कमी जैसी कुछ दिक्कतें अब भी हैं, लेकिन नए हब के उभरने और सरकारी प्रोत्साहन मिलने से शहर के लिए बड़ी तरक्की की राह आसान दिख रही है।