NEET प्रदर्शन: मुंबई पुलिस ने घर-घर जाकर दी FIR की चेतावनी, प्रदर्शनकारियों से लाइव लोकेशन मांगी
क्या है खबर?
दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की आंच मुंबई तक पहुंच चुकी है। यहां बीते दिन युवाओं ने सड़क पर उतरकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक पर लगाम लगाने की मांग की। इन प्रदर्शनों से पहले मुंबई पुलिस ने डिजिटल ट्रैकिंग और घर-घर जाकर निरीक्षण सहित कई तरीकों को अपनाया। पुलिस ने उन छात्रों को फोन किया, जिनके नाम पहले से FIR में दर्ज थे। कुछ छात्रों से तो उनकी लाइव लोकेशन भी पूछी गई।
रिपोर्ट
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घरों में ही रहने को कहा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी FIR में नामजद लोगों को सड़कों पर लौटने से रोकने के लिए पुलिस ने 3 तरीके अपनाएं। इन लोगों को घर पर ही रहने के लिए फोन किए गए, पुलिसकर्मी खुद इन लोगों के घर गए और इसने लाइव लोकेशन मांगी गई।
ऐसी सख्ती उन लोगों पर की गई, जिन पर पहले से FIR दर्ज है या जिन्हें पहले कानूनी नोटिस भेजे जा चुके हैं।
सबूत
प्रदर्शनकारी ने साझा किया पुलिस से मिला मैसेज
एक प्रदर्शनकारी ने सोशल मीडिया पर व्हाट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया है। इसमें वर्सोवा पुलिस स्टेशन के एक पुलिसकर्मी ने उससे घर पर ही रहने और लगातार अपनी लाइव लोकेशन भेजने के लिए कहा।
जिस पुलिसकर्मी ने ये संदेश भेजा था, उसने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पुलिस स्टेशन के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, लेकिन उसे हिरासत में नहीं लिया गया था।
घर
प्रदर्शनकारियों के घर भी पहुंचे पुलिसकर्मी
एक 20 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसे पुलिस स्टेशन से फोन आया, जिसमें उसे घर पर रहने के लिए कहा गया। उसने कहा, "यह उनकी चाल थी ताकि हम बाहर न निकलें और विरोध प्रदर्शनों में शामिल न हों।"
कई प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "कई युवाओं ने अपने परिवारों को नहीं बताया था। उनके घरों पर पुलिसकर्मियों को भेजना उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने का एक तरीका था।"
प्रदर्शन
पुलिस की सख्ती के बाद कई युवाओं ने बनाई प्रदर्शनों से दूरी
प्रदर्शन में शामिल एक इंजीनियरिंग छात्र ने बताया कि उसका एक दोस्त, जिसे नोटिस मिला था, वो बुधवार के प्रदर्शन में शामिल नहीं हुआ।
उसने कहा, "हमने साथ मिलकर प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस का फोन आने के बाद मेरी दोस्त नहीं आ सकी। उसे बताया गया कि उसे पहले ही नोटिस मिल चुका है, इसलिए अगर वह किसी और विरोध प्रदर्शन में दिखी, तो उसके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।"
पुलिस
पुलिस बोली- छात्रों के भविष्य के लिए उठाया कदम
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने और अपने खिलाफ FIR दर्ज करवाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनके उच्च शिक्षा में प्रवेश, भविष्य में रोजगार के अवसरों और पासपोर्ट वेरिफिकेशन जैसी प्रक्रियाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में हमें ऐसे व्हाट्सऐप नंबर मिले हैं, जो विदेश में रहने वाले भारतीय छात्र चला रहे हैं। हम उनकी पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।"