गुप्त बैठक, सादे कपड़े और 3 स्तरीय व्यवस्था; पुलिस ने वांगचुक को जंतर-मंतर से कैसे हटाया?
क्या है खबर?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को आज पुलिस ने हटा दिया है। सुबह-सुबह सादे कपड़ों में दर्जनों पुलिसकर्मी धरनास्थल पहुंचे और वांगचुक को एंबुलेंस में अस्पताल ले गए। इस दौरान वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन पुलिस वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई। आइए जानते हैं पुलिस ने कैसे वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया।
बैठक
नव नियुक्त पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में हुई गोपनीय बैठक
समाचार एजेंसी ANI ने बताया कि ये दिल्ली पुलिस का गोपनीय, सुनियोजित और बहुस्तरीय अभियान था।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नव नियुक्त दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के कार्यभार संभालने के बाद एक उच्च स्तरीय बैठक में इस योजना को अंतिम रूप दिया गया था।
इस बैठक में कुछ वरिष्ठ अधिकारी ही मौजूद थे, जिन्हें अभियान की जानकारी थी। इसी में तय हुआ कि वांगचुक को सुबह हटाया जाएगा, जब प्रदर्शनकारियों की संख्या सबसे कम होती है।
पुलिस
चंद लोगों को थी अभियान की जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियान की जानकारी केवल कुछ ही लोगों को थी। मौके पर तैनात अधिकांश पुलिसकर्मियों को भी केवल विरोध स्थल तक पहुंचने और वहीं बने रहने का निर्देश दिया गया था। उन्हें भी पूरी कार्रवाई के बारे में नहीं पता था।
सूत्रों के अनुसार, सुबह ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके धरना स्थल से कहीं गए थे। अधिकारियों ने इसे कार्रवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय माना।
सादे कपड़े
सादे कपड़ों में घुसे 30-35 पुलिसकर्मी
तड़के नई दिल्ली जिले के विशेष स्टाफ और स्थानीय पुलिस इकाइयों के 30-35 जवानों को सादे कपड़ों में चुपचाप धरना स्थल पर भेजा गया।
जवानों ने सबसे पहले वांगचुक के बिस्तर को चारों ओर से घेर लिया और फिर बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि अभियान को जनता की नजरों से छिपाया जा सके, भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके और किसी भी तरह की अफरा-तफरी को कम किया जा सके।
व्यवस्था
वांगचुक को निकालने के लिए बनाई गई 3 स्तरीय व्यवस्था
वांगचुक को निकालने के लिए पुलिस ने 3 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाई। पहले स्तर में सादे कपड़े पहने पुलिसकर्मियों ने मंच को सुरक्षित किया और वांगचुक को विरोध क्षेत्र से बाहर निकाला।
दूसरे स्तर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और त्वरित कार्रवाई बल (RAF) के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड वाले क्षेत्र के बाहर रोके रखा।
तीसरे स्तर में वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जो एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के पास से अभियान की निगरानी कर रहे थे।