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सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या से पहले हुई थी रेकी, जानिए कैसे हुई वारदात
सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या से पहले हुई थी रेकी

सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या से पहले हुई थी रेकी, जानिए कैसे हुई वारदात

लेखन गजेंद्र
May 07, 2026
09:03 am

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बुधवार रात को हुई भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर कई जानकारी सामने आई है। उन पर गोली तब मारी गई, जब वे भाजपा की ऐतिहासिक जीत के 2 दिन बाद अपने पैतृक घर लौट रहे थे। तभी बदमाशों ने मध्यग्राम में उन पर 4 गोलियां चलाई। उनकी हत्या को काफी शातिर और रणनीति बनाकर अंजाम दिया गया है।

हत्या

हत्या से पहले हुई थी रेकी

पुलिस ने संभावना जताई है कि हत्या के लिए रणनीति बनाई गई और 2 से 3 दिन पहले इलाके की रेकी की गई और चंद्रनाथ पर नजर रखी जा रही थी। घटना वाले दिन बुधवार की रात को संदिग्ध लोक कार से चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो का पीछा कर रहे थे। जैसे ही स्कॉर्पियो की रफ्तार धीमी हुई। उनके सामने एक सफेद कार खड़ी हो गई और पीछे से आए बाइक सवार हमलावर ने दनादन गोलीबारी शुरू कर दी।

हत्या

घर से 200 मीटर की दूरी पर थे चंद्रनाथ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय चंद्रनाथ स्कॉर्पियों से दोहरिया क्षेत्र में स्थित अपने आवास की जो रहे थे, जो घटनास्थल से मात्र 200 मीटर दूर था। जिस सफेद रंग की कार को चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो के आगे खड़ी करके उसे रोका गया था, उसमें कई लोग बाहर आए थे और गोलीबारी के बाद कार को लावारिस छोड़कर मोटरसाइकिल से गली-गली होते हुए निकल गए। इस दौरान करीब 16 राउंड गोलीबारी हुई। लावारिस कार का पंजीकरण नंबर WB74AK2270 है।

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जांच

सफेद कार में लगाई गई फर्जी नंबर प्लेट

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लावारिस सफेद कार की नंबर प्लेट फर्जी थी और कार में भी तकनीकी छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस CCTV फुटेज में सफेद कार को मंगलवार दोपहर को डोलतला में पाया था। इसके नंबर की जांच की गई तो पता चला कि पंजीकृत मालिक विलियम जोसेफ है। वाहन सिलीगुड़ी में पंजीकृत है और 10 साल 3 महीने पुराना है। पुलिस ने वाहन मालिक से बात की तो उसने बताया कि उसका वाहन उसके घर पर खड़ा है।

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जांच

हत्या के लिए प्रोफेशनल शूटर की तैनाती

पुलिस ने बताया कि हत्या को जिस तरह से अंजाम दिया गया है, उससे लगता है कि यह पूर्व नियोजित था और अपराध के लिए प्रोफेशनल शूटरों की मदद ली गई है। गोलियों के खोल से संकेत मिलता है कि हमले में एक छोटे हथियार, संभवतः ऑस्ट्रिया में निर्मित ग्लॉक पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया होगा। मोटरसाइकिल में नंबर प्लेट न होना और सफेद कार में फर्जी नंबर प्लेट भी सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।

ट्विटर पोस्ट

चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो पर गोली के निशान

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