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रैगिंग से छात्रा की मौत का मामला: वीडियो में छात्रा ने आपबीती सुनाकर लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक कॉलेज छात्रा से रैगिंग का मामला सामने आया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रैगिंग से छात्रा की मौत का मामला: वीडियो में छात्रा ने आपबीती सुनाकर लगाए गंभीर आरोप

लेखन आबिद खान
Jan 03, 2026
10:16 am

क्या है खबर?

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से रैगिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली 19 साल की छात्रा पल्लवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि पल्लवी के साथ कॉलेज में रैगिंग की गई, जिसका आरोप 3 छात्राओं और एक प्रोफेसर पर लगा है। पल्लवी के पिता ने इन लोगों के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराई है। आइए पूरा मामला समझते हैं।

मामला

रैगिंग के बाद इलाज के दौरान हुई पल्लवी की मौत

धर्मशाला के सिद्धबाड़ी की रहने वाली पल्लवी की 26 दिसंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनके पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि 18 सितंबर, 2025 को 3 छात्राओं- हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने उनकी बेटी के साथ रैगिंग और मारपीट की। पिता ने प्रोफेसर अशोक कुमार पर भी बेटी के साथ अशोभनीय व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रैगिंग और प्रताड़ना के चलते पल्लवी की मौत हुई है।

पिता

पिता बोले- बेटी के साथ मारपीट की, यौन उत्पीड़न हुआ

पिता के अनुसार, तीनों छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की, उसे डराया-धमकाया। शुरुआत में उसकी हालत बिगड़ने पर हिमाचल प्रदेश के कई अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया गया। बाद में उसे लुधियाना के एक अस्पताल में रेफर किया गया, जहां 26 दिसंबर, 2025 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने BNS की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत FIR दर्ज की है।

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वीडियो

वीडियो में पीड़िता बोली- अशोक सर पीछे पड़ जाते थे

छात्रा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो अस्पताल के बिस्तर पर दिखाई दे रही है। वीडियो बयान में छात्रा ने एक प्रोफेसर और कॉलेज की कुछ छात्राओं पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा ने कहा, "अशोक सर बहुत बुरे थे, वे पीछे पड़ जाते थे, अजीब हरकतें करते थे और शरीर को छूते थे।" उसने यह भी आरोप लगाया कि एक सीनियर छात्रा ने उसे बोतल से मारा और पढ़ने नहीं दिया।

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कॉलेज

कॉलेज प्रबंधन ने कहा- फेल होने से तनाव में थी छात्रा 

कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने कहा, "पिछले साल छात्रा कॉलेज में फर्स्ट ईयर में पढ़ती थी, लेकिन फेल हो गई थी। वो सेकंड ईयर में दाखिले की मांग कर रही थी। फेल होने और दाखिला ना मिलने के बाद से छात्रा तनाव में थी। परिजनों ने रैगिंग और अन्य किसी तरह की शिकायत नहीं दी थी। कॉलेज के प्रोफेसर्स ने छात्रा के परिजनों पर धमकाने के आरोप लगाए थे और मौखिक में इसकी जानकारी दी थी।"

अन्य वीडियो

मामले में कई विरोधाभासी बातें भी सामने आईं

छात्रा का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वो अपनी मां से कह रही है कि अशोक सर अच्छे हैं। कांगड़ा के SP अशोक रत्न ने बताया कि 20 दिसंबर को हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जांच में यौन शोषण की बात नहीं कही गई थी और प्रोफेसर का भी जिक्र नहीं था। पिता ने जातिसूचक शब्द कहे जाने का भी आरोप लगाया है, जबकि प्रिंसिपल का कहना है कि प्रोफेसर भी छात्रा की जाति के ही हैं।

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