हिमाचल को राहत दिलाने दिल्ली में मुख्यमंत्री सुक्खू, 8000 करोड़ पर निगाहें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण ग्रांट बंद होने के कारण राज्य को हर साल 8,000 करोड़ रुपये कम मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने ज्यादा कर्ज लेने की अनुमति देने की भी वकालत की। उन्होंने मांग की कि राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की कर्ज सीमा को 3 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया जाए। ऐसा होने से आपदा प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाए रखने में आसानी होगी।
सुक्खू ने नदियों की सफाई और SJVN में डायरेक्टरों की मांग की
मुख्यमंत्री सुक्खू यहीं नहीं रुके, उन्होंने पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रियों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित नदियों की सफाई के लिए साफ नियम बनाने पर जोर दिया। उनका मकसद था कि नदियों का मलबा आगे सड़कों या घरों को और नुकसान न पहुंचाए।
साथ ही, उन्होंने हिमाचल को मिलने वाली मुफ्त बिजली के हिस्से के लिए रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट (RECs) देने की भी मांग रखी। इसके अलावा, उन्होंने सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) के निदेशक मंडल में हिमाचल प्रदेश से 2 स्वतंत्र निदेशकों को नियुक्त करने का अनुरोध भी किया। मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि वे इन सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे।