
शाहीन बाग में भारी संख्या में पुलिस तैनात, हिंदू सेना ने रद्द की अपनी मार्च
क्या है खबर?
दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
एक दक्षिणपंथी संगठन के सड़क खाली कराने के लिए मार्च निकालने का ऐलान करने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि बाद में इस संगठन ने मार्च निकालने का अपना फैसला वापस ले लिया।
बता दें कि शाहीन बाग में सैकड़ों महिलाएं नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ सड़क पर धरने पर बैठी हुई हैं।
धरना
दिसंबर से धरने पर बैठी हुई हैं शाहीन बाग की महिलाएं
पिछले साल दिसंबर में संसद से नागरिकता कानून (CAA) पारित होने के बाद शाहीन बाग की महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठ गईं थीं।
ये महिलाएं तभी से यहां धरने पर बैठी हुई हैं। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार CAA को वापस ले और ये घोषणा करे कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) नहीं लाया जाएगा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि CAA भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र के खिलाफ है और एक समुदाय के साथ भेदभाव करता है।
जानकारी
सड़क पर धरने के कारण हो रही आने-जाने वालों की परेशानी
हालांकि सड़क पर महिलाओं के धरने के कारण आने-जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये मुद्दा हालिया दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी छाया रहा था और भाजपा नेताओं ने इस पर जमकर भड़काऊ बयान दिए थे।
मार्च
'हिंदू सेना' ने किया था मार्च निकालने का ऐलान
अब हिंदू सेना नामक एक दक्षिणपंथी संगठन ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने के लिए आज मार्च निकालने की घोषणा की थी।
हालांकि पुलिस के दखल के बाद हिंदू सेना ने शनिवार को अपनी मार्च को रद्द कर दी।
इसके बावजूद आज एहतियातन इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस ने शाहीन बाग के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
सुरक्षा
महिलाओं की दो टुकड़ियों समेत कुल 12 टुकड़ी तैनात
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों की दो टुकड़ियों समेत कुल 12 टुकड़ियों को शाहीन बाग में तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस के अलावा चार जिलों के 100 पुलिसकर्मियों को भी इलाके में तैनात किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीसी श्रीवास्तव ने कहा, "एहतियात के तौर पर हमने इलाके में भारी पुलिस तैनात की है। हमारा लक्ष्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोकना है।"
जानकारी
हिंदू सेना ने कहा, पुलिस ने बनाया दबाव
इस बीच पुलिस कमिश्नर (दक्षिण-पूर्व) आरपी मीणा ने बताया कि पुलिस के समय से हस्तक्षेप करने के बाद प्रस्तावित मार्च को रद्द कर दिया गया है। वहीं हिंदू सेना ने कहा कि पुलिस ने मार्च को वापस लेने के लिए उस पर दबाव बनाया था।
सवाल
दंगों में पुलिस की भूमिका पर उठ रहे हैं सवाल
शाहीन बाग में पुलिस का संख्या बल बढ़ाने की ये तत्पर कार्रवाई ऐसे समय पर की गई है जब उत्तर-पूर्व दिल्ली के कई इलाकों में तीन दिन चले दंगों में उसकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बार-बार अलर्ट किए जाने के बावजूद हिंसा से प्रभावित कई इलाकों में पुलिस की तैनाती न के बराबर रही।
यही नहीं कई ऐसे वीडियो भी सामने आए जिनमें पुलिसकर्मी पत्थरबाजी और हिंसा कर रही भीड़ के साथ खड़े नजर आए।
समस्या
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच अभी तक कोई बातचीत नहीं
गौरतलब है कि केंद्र सरकार और शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के बीच अभी तक कोई भी बातचीत नहीं हुई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने CAA विरोधियों को उनसे मिलने का न्योता जरूर दिया था लेकिन जब शाहीन बाग के सारे प्रदर्शनकारी एक साथ शाह से मिलने जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच दोबारा बातचीत की कोशिश नहीं हुई और महिलाओं का धरना जारी है।