दिल्ली होटल आगजनी: निजी हाथों में फायर सेफ्टी सौंपने पर बवाल
दिल्ली के हौज रानी के एक गेस्ट हाउस में लगी दुखद आग में 21 लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद दिल्ली की नई ड्राफ्ट पॉलिसी पर भारी विरोध हो रहा है। इस प्रस्तावित नीति के तहत, सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने का काम दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) से लेकर निजी ऑडिटरों को सौंपा जाएगा। DFS की भूमिका केवल कुछ चुनिंदा जगहों पर आकस्मिक जांच तक सीमित रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे काम जल्दी होगा, लेकिन विशेषज्ञों को डर है कि इससे जवाबदेही कमजोर पड़ जाएगी। यह चिंता तब और गहरा गई है, जब पिछले 5 महीनों में दिल्ली में आग लगने से 89 लोगों की मौत हो चुकी है।
छोटी प्रॉपर्टीज के लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन की छूट
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, छोटी प्रॉपर्टीज को अब निरीक्षण के बजाय ऑनलाइन ही खुद को प्रमाणित करने की छूट मिलेगी। यह पहले से चली आ रही सख्त नीतियों से एक बड़ा कदम पीछे है। हौज रानी के इस हालिया हादसे में कई बड़ी लापरवाहियां सामने आई थीं, जैसे कि तय सीमा से कहीं ज्यादा कमरे चलाना। इससे पहले हुई एक और घातक आग के बाद कोर्ट ने जो सुरक्षा उपाय सुझाए थे, उन्हें भी पूरा नहीं किया गया था। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर नियम और ढीले किए गए तो भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग लगने का खतरा और बढ़ जाएगा।