हरियाणा के भरोसे थमा दिल्ली कूच, पर कृषि समझौते और MSP पर किसानों की नई हुंकार
संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) के किसानों ने अपना 228 किलोमीटर का दिल्ली मार्च अभी रोक दिया है। हरियाणा सरकार ने उन्हें 4 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक का भरोसा दिया है, जिसके बाद खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर चल रहा प्रदर्शन अभी के लिए टाल दिया गया है।
कुछ ही दिन पहले इन किसानों को हरियाणा में दाखिल होने से रोका गया था और राष्ट्रीय राजमार्ग 52 को भी बंद कर दिया गया था, जिससे हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे।
क्या है किसानों की मांग?
किसान एक प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि खेती, डेयरी, पोल्ट्री और फिशरीज जैसे क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा जाए। उ
नकी दूसरी मांगें हैं - न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के आधार पर कानूनी गारंटी दी जाए, किसानों के कर्ज माफ किए जाएं और गन्ने के बेहतर दाम मिलें।
भले ही अभी वे दिल्ली की ओर कूच नहीं कर रहे हैं, लेकिन नेताओं का कहना है कि यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। वे सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए देशभर में रैलियां करने की योजना बना रहे हैं।