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हरियाणा के गांव में 15 दिन में 12 की मौत, दूषित पानी का शक
हरियाणा के पलवल में दूषित पानी पीने से 12 की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हरियाणा के गांव में 15 दिन में 12 की मौत, दूषित पानी का शक

लेखन गजेंद्र
Feb 16, 2026
04:40 pm

क्या है खबर?

मध्य प्रदेश के बाद हरियाणा के पलवल में कई लोगों की मौत का मामला सामने आया है, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। मौत का कारण ग्रामीणों ने दूषित पानी बताया है। छायंसा गांव में पिछले 15 दिन के अंदर 12 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 5 बच्चे भी शामिल हैं। पूरे गांव में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां डेरा डाले है।

पानी

27 जनवरी को हुई थी पहली मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव में 27 जनवरी को पहली मौत हुई थी। तभी किसी ने ध्यान नहीं दिया। जब 31 जनवरी को एक व्यक्ति की पीलिया से मौत हुई, जब गांव में चर्चा शुरू हुई। इसके एक दिन बाद ही गांव में रैपिड रिस्पांस टीम तैनात की गई। चिकित्सा शिविर लगाया गया और घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया। इस बीच 11 फरवरी तक 7 अन्य मौत हो गई, जिनमें 4 मौतें तीव्र हेपेटाइटिस या लिवर फेलियर से हुई थी।

जांच

अधिकतर मरीजों को बुखार, पेट दर्द, उल्टी और पीलिया की शिकायत

बताया जा रहा है कि मृतकों की आयु 9 से 75 वर्ष के बीच है। अभी तक अधिकांश मरीजों ने बुखार, पेट दर्द, उल्टी और पीलिया की शिकायत बताई है। पलवल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी सतिंदर वशिष्ठ ने बताया कि बड़े स्तर पर जांच और स्क्रीनिंग हो रही है और अब तक 1,500 लोगों की जांच की गई है। करीब 800 लोगों को दवा दी गई है। उनकी हेपेटाइटिस A, B, C और E जांच की गई है।

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जांच

गांव के 107 नलों में 23 जांच में फेल

चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि गांव के 210 लोगों के नमूनों में हेपेटाइटिस B के 2 और हेपेटाइटिस के 9 मामले मिले हैं। हेपेटाइटिस A और E के सभी नमूने नकारात्मक मिले हैं। गांव में 107 घरेलू जल नमूनों की जांच की गई, जिसमें 23 विफल रहे हैं, जिससे बैक्टीरिया संक्रमण और अपर्याप्त क्लोरीन न होने का पता चला है। दूसरी जांच में स्टोरेज टैंकों में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया भी मिला है, जो घातक होता है।

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परिवार

गांव में रहते हैं 1,567 परिवार

पंजाब केसरी के मुताबिक, छायंसा गांव हथीन तहसील का बड़ा गांव है, जिसकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के तहत 10,454 है। यहां 1,567 परिवार रहते हैं। गांव में पुरुष 5,515 और महिलाएं 4,949 हैं। गांव के लोग पानी के लिए भूमिगत भंडारण टैंक पर निर्भर हैं। रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) उपचारित पानी पड़ोसी क्षेत्रों से आता है। भूमिगत टैंकरों में पर्याप्त क्लोरीनेशन न होने से संक्रमण का खतरा बढ़ा है।

जानकारी

इंदौर में हुई थी 16 मौत

देश के सबसे स्वच्छ शहर मध्य प्रदेश के इंदौर में पिछले महीने दूषित पानी पीने से भागीरथपुरा इलाके में 16 लोगों की मौत हुई थी। पता चला था कि पानी आपूर्ति के पाइप में सीवर का जल मिल गया था, जिससे हालात बिगड़े थे।

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