हरियाणा सरकार ने अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूदाबाद के खिलाफ मुकदमा वापस लिया
क्या है खबर?
हरियाणा सरकार ने सोमवार को अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ अपना मुकदमा वापस ले लिया है। सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि वह एक बार के लिए उदारता दिखाते हुए सोशल मीडिया पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के खिलाफ टिप्पणियों के लिए महमूदाबाद पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं देगी। हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची को यह जानकारी दी।
राहत
हरियाणा सरकार ने क्या कहा?
एसवी राजू ने कहा, "एक बार की उदारता के तौर पर, प्रतिबंध अस्वीकार किया जाता है। यह मामला यहीं समाप्त होता है। उन्हें चेतावनी दी जा सकती है कि वे इसे दोबारा न दोहराएं। अस्वीकृति आदेश 3 मार्च, 2026 से प्रभावी है।" महमूदाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने इस फैसले के लिए आभार जताया। कोर्ट ने भी प्रोफेसर को भविष्य में अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी।
मामला
क्या है पूरा मामला?
प्रोफेसर खान ने मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' की ब्रीफिंग के लिए कर्नल सोफिया की अगुवाई को सराहते हुए कहा कि अगर महिलाओं के प्रति यह बदलाव जमीनी स्तर पर नजर नहीं आता, तो यह भारतीय सेना का पाखंड होगा। इसपर भाजपा कार्यकर्ता और हरियाणा महिला आयोग ने मामला दर्ज कराया। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी और SIT गठित की। अगस्त 2025 में, अदालत ने उनके खिलाफ मुकदमे पर रोक लगा दी थी।
जानकारी
प्रोफेसर ने क्या की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
फेसबुक पोस्ट में महमूदाबाद ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और युद्ध की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पर मीडिया ब्रीफिंग करने वाली भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को मिली प्रशंसाएं जमीन पर दिखनी चाहिए, भीड़ हत्याओं के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।