वंदे भारत ट्रेन में लगा कचरे का ढेर, क्या ऐसे ही चमकेगी नई ट्रेनें?
उद्योगपति हरेश गोयनका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर यह बात सामने रखी कि कैसे वंदे भारत ट्रेनों में यात्री रैपर और ठंडे ड्रिंक के कैन जैसा कचरा छोड़ जाते हैं। उनके इस वीडियो में ट्रेन के आधुनिक इंटीरियर और यात्रियों द्वारा फैलाई गई लापरवाही भरी गंदगी के बीच एक चौंकाने वाला विरोधाभास साफ नजर आया। इस वीडियो से एक नई बहस छिड़ गई कि कैसे आम लोगों की लापरवाह आदतें नई और बेहतर सुविधाओं की चमक को भी फीका कर सकती हैं।
यूजर्स ने साफ-सफाई के लिए सबकी जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया
एक यूजर ने सुझाव दिया कि स्कूली पाठ्यक्रम में 'नागरिक बोध' जैसा एक अलग विषय शामिल किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों में देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। एक और यूजर ने सवाल किया कि क्या छोटी यात्राओं में खाना बेचना वाकई जरूरी है, क्योंकि इससे कचरे की समस्या और बढ़ रही है। मुख्य बात यही है कि सुविधाएं चाहे कितनी भी शानदार हों, उन्हें साफ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।