
मध्य प्रदेश: दलित परिवार ने लगाया भाजपा को वोट नहीं देने पर प्रताड़ित करने का आरोप
क्या है खबर?
चुनाव आयोग एक तरफ तो निष्पक्ष और निर्भीक मतदान कराने का दावा करता है, दूसरी ओर मध्य प्रदेश में शिवपुरी में अपनी इच्छा से मतदान करना एक दलित परिवार के लिए जैसे परेशानी का सबब बन गया।
इस दलित परिवार ने विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को वोट नहीं दिया था। अब इस परिवार का आरोप है कि एक राज्यमंत्री के रिश्तेदार उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।
इसके विरोध में दलित परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठा है।
प्रकरण
भाजपा को वोट नहीं देने के मिल रही है सजा- दलित परिवार
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे दलित परिवार ने NDTV को बताया कि शिवपुरी में गत 3 नवंबर को विधानसभा उपचुनाव हुए थे। इसमें उन्होंने भाजपा के पक्ष में मतदान नहीं किया था।
इसके बाद वहां से जीत हासिल करने नेता और सरकार में राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ रथखेड़ा के कहने पर उनके रिश्तेदारों ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वह आए दिन उन्हें परेशान करते हैं और कई बार मारपीट भी कर चुके हैं।
मुकदमा
परिवार के खिलाफ दर्ज कराया झूठा मुकदमा
पोहली के झलवासा गांव निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि चुनाव में राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ ने बसपा प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की थी। उसके बाद से ही उनके रिश्तेदान उन्हें परेशान कर रहे हैं।
इतना ही नहीं आरोपियों ने उनके खिलाफ झूठा मामला भी दर्ज करा दिया। इसके कारण उनका गांव में रहना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने इस संबंध में पुलिस थाने पहुंचकर भी शिकायत की थी, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।
जानकारी
कड़ाके की ठंड में सड़क पर रहने को मजबूर परिवार
पीड़ित परिवार ने बताया कि वह न्याय की आस में गत सोमवार से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। वह यहीं खाना बनाकर खा रहे हैं और इस कड़ाके की ठंड में सड़क पर ही सोने को मजबूर हैं।
प्रतिक्रिया
मामले की जांच के आदेश दिए- ASP
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रवीण भूरिया ने बताया कि पुलिस को वोट के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। पीड़ित परिवार को धाकड़ परिवार से विवाद हुआ था। परिवार का आरोप है कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।
उन्होंने बताया कि मामले में पीड़ित परिवार का बयान दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा संबंधित थाना पुलिस को मामले की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी
राज्यमंत्री ने मामले में नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
NDTV के अनुसार मामले में राज्य मंत्री धाकड़ से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया तथा कई मैसेज भी भेजे गए, लेकिन उन्होंने इस पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी है। मंत्री से लगातार संपर्क के प्रयास किए जा रहे हैं।
इतिहास
दलितों पर पहले भी हो चुका है अत्याचार
यह पहली बार नहीं जब शिवपुरी जिले में दलितों पर अत्याचार हुआ है। इससे पहले सितंबर 2019 में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में खुले में शौच करने पर दो यादव पुरुषों ने दो दलित बच्चों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
इसी तरह नवंबर 2019 में बालाघाट जिले में 14 आदिवासी परिवारों को गांव के दुर्गा पूजा उत्सव में पर्याप्त दान नहीं देने पर समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था। जिसके बाद परिवारों ने SP से मदद की गुहार लगाई थी।