गुजरात हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, विवादित जमीन पर दफनाया शव निकाला जाएगा
गुजरात हाई कोर्ट ने भावनगर के एक मुस्लिम परिवार से कहा है कि वे विवादित जमीन पर दफन किए गए शव को गांव के आधिकारिक मुस्लिम कब्रिस्तान में स्थानांतरित करें। कोर्ट ने स्थानीय पंचायत का समर्थन करते हुए कहा कि विवादित जमीन पर शव दफनाए नहीं जाने चाहिए, खासकर जब गांव में ही एक उचित और पर्याप्त जगह वाला सामुदायिक कब्रिस्तान मौजूद हो। परिवार ने विवादित जगह चुनने का जो कारण बताया, वह कोर्ट को सही नहीं लगा और इसी वजह से उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
न्यायाधीश ने भावनगर कब्रिस्तान और पिछले दफन का हवाला दिया
न्यायाधीश ने अपने फैसले में गांव के कब्रिस्तान के निरीक्षण का जिक्र किया। निरीक्षण में सामने आया कि कब्रिस्तान की घेराबंदी की गई है, वहां पहुंचना आसान है और वहां अभी भी काफी जगह खाली है। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि 2021-22 में भी इसी परिवार ने इसी जगह किसी व्यक्ति को दफन किया था, लेकिन तब भी प्रशासन के निर्देश पर उस शव को वहां से हटाकर तय मुस्लिम कब्रिस्तान में दोबारा दफन किया गया था। इस बार परिवार ने 10 दिनों के अंदर शव को स्थानांतरित करने पर सहमति जताई है।