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गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 25 बच्चों की मौत, विशेषज्ञों को नहीं पता कैसे फैल रहा संक्रमण
गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 25 बच्चों की मौत हो गई है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 25 बच्चों की मौत, विशेषज्ञों को नहीं पता कैसे फैल रहा संक्रमण

लेखन आबिद खान
Aug 13, 2026
12:29 pm

क्या है खबर?

गुजरात इस समय चांदीपुरा वायरस की चपेट में है। बीते करीब 5 हफ्तों में यहां इस वायरस की चपेट में आकर 25 लोगों ने दम तोड़ दिया है। वहीं, 35 से ज्यादा बच्चे संक्रमित हो गए हैं। हालांकि, अभी तक विशेषज्ञों को ये पता नहीं चल पाया है कि वायरस आखिर फैल कैसे रहा है। शुरुआत में शक था कि सैंडफ्लाइज (बालू या रेत मक्खी) से ये फैल रहा है, लेकिन जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

जांच

जांच में नहीं पता चला कैसे और कहां पनप रहा वायरस

इंडियन एक्सप्रेस की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमण फैलने के बाद हजारों सैंडफ्लाइज की बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग की गई। बाद में मच्छरों और टिक्स की भी स्क्रीनिंग हुई, लेकिन सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। अभी तक विशेषज्ञों को ये पता नहीं है कि आखिर वायरस पनप कहां रहा है।

2024 में फैले संक्रमण के दौरान भी विशेषज्ञों ने ऐसी ही स्क्रीनिंग की थी, लेकिन तब भी वायरस के स्त्रोत के बारे में कोई सुराग नहीं मिला था।

बयान

क्या कह रहे हैं अधिकारी?

पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "इंसानों में बीमारी के मामले एक साथ कई नहीं मिल रहे हैं, बल्कि हर इलाके से इक्का-दुक्का मामले सामने आ रहे हैं। हमें एक ही इलाके से कई मामले नहीं मिल रहे हैं। इसलिए हमारा मानना ​​है कि बीमारी फैलाने वाले जीवों की संख्या भी कम होगी। आमतौर पर किसी जीव से फैलने वाली बीमारी में जितने ज्यादा मरीज होते हैं, जीव के मिलने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा होती है।"

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संक्रमण

सैंडफ्लाई से लेकर मच्छरों में भी नहीं मिला संक्रमण

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बीमारियों पर शोध करने वाले एक राष्ट्रीय संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, "हमने सैंडफ्लाई के कई सैंपल इकट्ठा किए हैं और अभी RT-PCR के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वे चांदीपुरा वायरस से संक्रमित थीं। हमें अभी तक कोई पॉजिटिव सैंपल नहीं मिला है। हम मच्छरों की भी जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वहां भी कोई पॉजिटिव नतीजा नहीं मिला है।"

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पशु

अब पालतू पशुओं की भी हो रही जांच

सरकार ने कहा कि अब जानवरों की निगरानी का दायरा भी बढ़ाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वायरस पालतू जानवरों में फैल रहा है।

बयान में कहा, "जांच के लिए गाय, भैंस और बकरियों के खून और दूध के सैंपल लिए गए हैं। अब तक जानवरों के खून के लगभग 70 सैंपल लिए जा चुके हैं और चांदीपुरा वायरस व अन्य संबंधित संक्रमणों के लिए उनकी जांच की जा रही है।"

वायरस

चांदीपुरा वायरस के बारे में जानिए

चांदीपुरा वायरस का नाम महाराष्ट्र के चांडीपुरा गांव के नाम पर रखा गया है, जहां ये पहली बार 1965 में मिला था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, चांदीपुरा वायरस रैब्डोविरिडे परिवार का वायरस है। इसका संबंध बच्चों में होने वाले एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम से है।

बारिश के मौसम में इसके मामले बढ़ जाते हैं। शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, थकान जैसे सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, जो गंभीर स्थिति में मरीज को कोमा में पहुंचा देते हैं।

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