जंतर-मंतर विवाद: छात्र पर 5 लाख का बॉन्ड, ग्रेटर नोएडा को वापस लेना पड़ा नोटिस
गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षय त्रिपाठी तब मुश्किल में फंस गए, जब ग्रेटर नोएडा के अधिकारियों ने उन पर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्हें BNSS के तहत 5 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के 2 स्थानीय जमानतदारों को पेश करने को कहा गया। पुलिस ने दावा किया कि त्रिपाठी एक राजनीतिक दल द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में दूसरे यूनिवर्सिटी छात्रों को शामिल होने के लिए उकसा रहे थे और गलत जानकारी तथा सरकार विरोधी बातें फैला रहे थे।
त्रिपाठी ने आरोपों से किया इनकार, नोटिस वापस लिया गया
त्रिपाठी ने इन आरोपों का खंडन किया। उनका कहना था कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और यूनिवर्सिटी महीनों से बंद थी, इसलिए वे कैंपस में थे ही नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि जुलाई में एक दूसरे प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में उन्हें चोट लगी थी। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस कार्रवाई की निंदा की, जिसके बाद उनकी सुनवाई से ठीक पहले यह नोटिस वापस ले लिया गया।