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'ऑपरेशन सिंदूर' में जवानों की शहादत पर विवाद, विपक्ष के आरोपों पर सरकार ने क्या कहा?
'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद जवानों के नामों पर विवाद के बाद रक्षा मंत्रालय का बयान आया है

'ऑपरेशन सिंदूर' में जवानों की शहादत पर विवाद, विपक्ष के आरोपों पर सरकार ने क्या कहा?

लेखन आबिद खान
Jun 28, 2026
10:35 am

क्या है खबर?

'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद हुए 6 जवानों के नाम सार्वजनिक करने के बाद विवाद हो गया है। कांग्रेस ने सरकार पर जानकारी छिपाने और शहीदों का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया है। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 28 जुलाई, 2025 को संसद में दिए गए रक्षा मंत्री के भाषण को गलत तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है। मंत्रालय ने कहा कि यह दावा गलत है कि शहीदों को पहली बार सम्मान मिला।

शुरुआत

कैसे हुई विवाद की शुरुआत?

दरअसल, 26 जून को सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक किए थे। इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' में शामिल किया गया है। इन 6 सैनिकों के नाम नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में विशेष ग्रेनाइट पट्टिकाओं पर भी स्थायी रूप से अंकित किए गए थे। नाम जारी होने के साथ ही विवाद खड़ा हो गया।

कांग्रेस

कांग्रेस बोली- रक्षा मंत्री ने संसद को गुमराह किया

नाम जारी होने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'सिर्फ 2 ही संभावनाएं हैं। या तो रक्षा मंत्री ने जब संसद को संबोधित किया तो उनकों यह जानकारी ही नहीं थी कि 6 सैनिक शहीद हो चुके थे। अगर ऐसा है, तो मंत्री पर गंभीर प्रश्नचिह्न है, जिन्हें अपने ही मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है। या फिर उन्हें सच्चाई मालूम थी और इसके बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह करना चुना। यह उससे भी अधिक गंभीर है।'

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रक्षा मंत्री का बयान

रक्षा मंत्री के संसद में दिए बयान पर क्या है विवाद?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई, 2025 को संसद में कहा था, "हमारे विपक्ष के लोग पूछते हैं कि हमारे कितने विमान गिरे। उन्होंने कभी हमसे ये नहीं पूछा कि हमारी सेना ने दुश्मनों के कितने विमान मार गिराए। अगर आपको सवाल पूछना है तो ये पूछिए कि क्या इस अभियान में हमारे बहादुर सैनिकों को कोई क्षति हुई है? तो इसका जवाब है- नहीं।" इसी बयान पर कांग्रेस रक्षा मंत्री पर गुमराह करने के आरोप लगा रही है।

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रक्षा मंत्रालय

अब रक्षा मंत्रालय ने क्या सफाई दी?

मंत्रालय के मुताबिक, 11 मई, 2025 को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन सैन्य अभियान महानिदेशक ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। 14 अगस्त, 2025 की प्रेस विज्ञप्ति में शहीदों को वीरता पुरस्कार की जानकारी सार्वजनिक की गई थी। सेना ने सोशल मीडिया के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी। 8 अक्टूबर, 2025 को वायुसेना प्रमुख ने शहीद सार्जेंट के परिजन को सम्मानित किया था। 15 जनवरी, 2026 को सेना प्रमुख ने 3 शहीदों के परिजनों को मेडल प्रदान किया था।

जवान

कौन हैं शहीद होने वाले 6 जवान?

शहीद जवानों में 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड मुख्यालय के सब मेजर पवन कुमार, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की चौथी बटालियन के राइफलमैन सुनील कुमार, 5वीं फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार, 851 लाइट रेजिमेंट से अग्निवीर मूड मुरली नायक, 237 फील्ड वर्कशॉप के हवलदार सुनील कुमार सिंह और वायुसेना की 39वीं विंग के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरान्त देश के तीसरे सर्वोच्च युद्ध सम्मान 'वीर चक्र' और सार्जेंट सुरिंदर कुमार को वायु पदक मिला है।

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