गृह सचिव की नए IPS अधिकारियों को सलाह- बदल गए खतरे, अब AI से लैस होकर निपटो
देश के शीर्ष गृह सचिव गोविंद मोहन ने नए IPS अधिकारियों को आगाह किया कि भारत की आंतरिक सुरक्षा अब बिल्कुल नई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। सरदार वल्लभ भाई राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के पासिंग-आउट समारोह में उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार आतंकवाद को लेकर कोई नरमी नहीं बरतेगी।
उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों से स्मार्ट तरीके से काम करने और बेहतर तालमेल बिठाने की अपील भी की। इसके साथ ही, उन्होंने नए अफसरों को नशे की तस्करी, साइबर क्राइम और अवैध आप्रवासन जैसी आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
स्मार्ट बॉर्डर पहल पर गोविंद मोहन की नजर
मोहन ने 'स्मार्ट बॉर्डर पहल' पर बात करते हुए समझाया कि कैसे आधुनिक तकनीक और कड़ी निगरानी से सीमाओं को और ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से 'नशा-मुक्त भारत' के सपने को साकार करने के लिए डिजिटल साधनों का उपयोग करने का आग्रह किया।
इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर में भले ही उग्रवाद में कमी आई हो, लेकिन जातीय तनाव अभी भी चिंता का विषय है, जिस पर विशेष ध्यान देना होगा।
साइबर क्राइम भी एक बड़ा मुद्दा था, मोहन ने युवा अधिकारियों से कहा कि वे जाली सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों के जरिए होने वाले घोटालों से निपटने के लिए AI और डिजिटल स्किल्स का प्रभावी इस्तेमाल करें। उन्होंने सलाह दी कि अधिकारियों को तकनीक और सोशल मीडिया से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए कानून के दायरे में रहते हुए रचनात्मक समाधान खोजने होंगे।