स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान AMCA के निर्माण के लिए सरकार का बड़ा कदम, जानिए क्या किया
क्या है खबर?
सरकार ने देश के पहले स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) के 5 प्रोटोटाइप के विकास और उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को इसके लिए निजी क्षेत्र के 3 चयनित बोलीदाताओं को प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) जारी कर दिया। इस परियोजनों की अनुमानित लागत 15,000 करोड़ रुपये है। विजेता कंपनी आंध्र प्रदेश में एक नई ग्रीनफील्ड सुविधा में AMCA के 5 प्रोटोटाइप का निर्माण करेगी।
कंपनी
रक्षा मंत्रालय ने इन कंपनियों को जारी किया RFP
रक्षा मंत्रालय ने किसी बड़े लड़ाकू जेट कार्यक्रम में पहली बार सरकारी स्वामित्व वाली हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को बाहर रखा है। सरकार ने उसकी जगह टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL), लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत फोर्ज अर्थ मूवर्स लिमिटेड को परियोजना के लिए चुनकर भारत में दूसरी लड़ाकू विमान उत्पादन सुविधा स्थापित करने का रास्ता खोल दिया है। इससे अत्याधुनिक एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता हासिल करने के भारत के प्रयासों को भी बल मिलेगा।
बोली
7 निजी कंपनियों ने परियोजना के लिए भेजी थी बोलियां
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और उसकी वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA) ने मध्य 2025 में स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान परियोजना के लिए रुचि की अभिव्यक्ति जारी की थी। इसमें 7 कंपनियों ने बोलियां भेजी थीं। फरवरी में तकनीकी मूल्यांकन के बाद 3 निजी कंपनियों का चयन किया गया था। उनके पास विस्तृत बोलियां जमा करने के लिए 2-3 महीने का समय है। चयन और अनुबंध प्रदान करने की प्रक्रिया जनवरी-मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।
निर्माण
कैसे किया जाएगा AMCA का निर्माण?
अमेरिकी GE-414 इंजन से संचालित AMCA का उत्पादन DRDO और ADA के डिजाइन और विशेषज्ञता के तहत किया जाएगा। AMCA का पहला प्रोटोटाइप 2027 की शुरुआत में तैयार होने की उम्मीद है, जबकि 5वीं पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान की पहली उड़ान 2028-2029 के बीच होगी। लड़ाकू विमान का सतत उत्पादन 2030 के दशक के मध्य में शुरू होना चाहिए, जिसमें भारत में निर्मित 120 किमी प्रति घंटे की क्षमता वाले फ्रांसीसी सैफरान इंजन से लैस नए संस्करण शामिल होंगे।
आधारशिला
पुट्टपर्थी में रखी गई है एकीकरण एवं उड़ान परीक्षण परिसर की आधारशिला
इस महीने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में 15,803 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एकीकरण एवं उड़ान परीक्षण परिसर की आधारशिला रखी गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति ने 5 प्रोटोटाइप के विकास को हरी झंडी दे दी है। सुपर-क्रूज मोड, इंटर वेपन्स बे और उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से युक्त AMCA निकट भविष्य में अमेरिकी F-35, चीनी J-20 और रूसी SU-57 जैसे स्टील्थ लड़ाकू विमानों से प्रतिस्पर्धा करेगा।
खासियत
क्या होगी स्वदेशी AMCA की खासियत?
स्वदेशी AMCA तैयान होने के बाद SU-30 MKI लड़ाकू विमानों की जगह लेंगे और इसमें स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, लेजर गाइडेड और ग्लाइड बम होंगे। इसमें अत्याधुनिक रडार और सेंसर होंगे, जिससे दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियां उसे नहीं पकड़ पाएगी। भारतीय वायुसेना ने 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत रूसी SU-57 के दो स्क्वाड्रन खरीदने का प्रस्ताव रखा है।
अन्य
AMCA में होगी 6,500 किलोग्राम ईंधन ले जाने की क्षमता
AMCA के एक एकल सीट वाला 2 इंजन का लड़ाकू विमान होने की संभावना है, जिसमें उन्नत स्टील्थ कोटिंग और आंतरिक हथियार रखने के लिए अमेरिकी और रूसी विमान (F-22, F-35 और Su-57) की तहज जगह होगी। इसकी परिचालन ऊंचाई 55,000 फीट होने की उम्मीद है और यह आंतरिक हिस्से में 1,500 किलोग्राम और बाहरी हिस्से में 5,500 किलोग्राम हथियार ले जा सकेगा। AMCA में 6,500 किलोग्राम ईंधन ले जाने की क्षमता भी होगी।