सिर्फ पासपोर्ट से नहीं मिलती भारतीय नागरिकता, जानिए क्या है कारण
केंद्र सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि सिर्फ पासपोर्ट होने का मतलब यह नहीं है कि आप भारतीय नागरिक हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 20 के तहत अगर जनहित में हो, तो गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट दिया जा सकता है। यह फैसला 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के पुराने फैसलों से मेल खाता है, जहां कहा गया था कि नागरिकता साबित करने के लिए सिर्फ पासपोर्ट काफी नहीं है।
पासपोर्ट सिर्फ यात्रा के लिए एक दस्तावेज - विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय का कहना है कि पासपोर्ट सिर्फ यात्रा का एक दस्तावेज है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने समझाया कि 'नागरिकता का निर्धारण नागरिकता एक्ट, 1955 के तहत होता है।' इसका मतलब है कि नागरिकता के लिए सिर्फ पासपोर्ट नहीं, बल्कि सही पात्रता और पुख्ता सबूतों की जरूरत पड़ती है। यह बात ऐसे समय में सामने आई है, जब बुधवार को भारत ने अपना 14वां पासपोर्ट सेवा दिवस मनाया।
कपिल सिब्बल ने नागरिकता के प्रमाण पर उठाए सवाल
विपक्ष के सांसद कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया है कि नागरिकता का असली प्रमाण क्या माना जाए। उन्होंने मतदाता सूची की पात्रता को लेकर भी चिंता जताई है। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी के अमित मालवीय ने सरकार के पक्ष का समर्थन किया और कहा कि नागरिकता सिर्फ एक कागज से नहीं, बल्कि कई दस्तावेजों से तय होनी चाहिए।