गेहूं पर सरकार की 'आशा', उद्योग की 'शंका'! क्या सच होगी बंपर फसल की भविष्यवाणी?
केंद्र सरकार 2025-26 की गेहूं फसल के उत्पादन को लेकर 'सावधानी से उम्मीद' जता रही है। सरकार का अनुमान है कि इस बार गेहूं का उत्पादन 120.21 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल से ज्यादा होगा।
हालांकि, इस साल की शुरुआत में कुछ इलाकों में भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा था, वहीं फरवरी में तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहा था। इसके बावजूद, समय से पहले बुवाई और गेहूं की मजबूत किस्मों के इस्तेमाल से फसल की स्थिति बेहतर बनी हुई है।
उद्योग समूह ने उत्पादन का अनुमान 110.65 मिलियन मीट्रिक टन लगाया
हालांकि, सरकार के इस अनुमान से सभी सहमत नहीं हैं। एक उद्योग समूह का मानना है कि फसलों को हुए नुकसान के चलते गेहूं का उत्पादन कम होकर 110.65 मिलियन मीट्रिक टन रह सकता है।
समूह ने सरकार से आंकड़ों में ज्यादा पारदर्शिता लाने और स्थिर नीतियां बनाने की मांग की है। वहीं, पिछले साल की तुलना में इस साल गेहूं की सरकारी खरीद में कमी आई है, खासकर मध्य प्रदेश में। इसके बावजूद, हरियाणा और पंजाब में मजबूत सरकारी खरीद व्यवस्था के कारण किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है।