पद्म श्री गिरिश भारद्वाज का निधन, 140 से अधिक पुलों से बदली लाखों ग्रामीणों की तकदीर
झूलते हुए पैदल पुलों का निर्माण कर दूर-दराज के गांवों के लोगों की जिंदगी को आसान बनाने वाले पद्म श्री पुरस्कार विजेता गिरिश भारद्वाज का निधन हो गया है। उन्होंने कर्नाटक के सुल्लिया में 76 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। 'भारत के ब्रिज मैन' के नाम से मशहूर भारद्वाज ने अपना पूरा जीवन ऐसे समुदायों को आपस में जोड़ने में लगा दिया जो बाकी दुनिया से कटे हुए थे।
भारद्वाज ने किया था 140 से अधिक पुलों का निर्माण
भारद्वाज ने पूरे भारत में 140 से ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल पुलों का निर्माण किया था। इनसे ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचने में राहत मिली। उन्होंने एक बार यह चिंता जताई थी कि आज के युवा इंजीनियर उनकी पुल निर्माण तकनीक सीखने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए ये तकनीकें बेहद अहम हैं। साल 2017 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया और इसके अलावा भी उन्हें कई अन्य पुरस्कार मिले। उन्होंने एक ऐसी विरासत छोड़ी है जो व्यावहारिक नवाचार और वंचित तबके के प्रति उनके गहरे समर्पण की मिसाल है।