वांगचुक अस्पताल में, पत्नी गीतंजलि ने थामी NEET विरोध की मशाल; इलाज पर भी अड़ीं
जाने-माने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 3 हफ्तों से भूख हड़ताल पर हैं और इसी वजह से अब अस्पताल में भर्ती हैं। वे NEET परीक्षा में धांधली और शिक्षा व्यवस्था में ज्यादा पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने सिर्फ पानी और नमक पर रहकर अपनी भूख हड़ताल जारी रखी। अब उनकी पत्नी, गीतंजलि अंगमो ने उनके इस अभियान की कमान संभाल ली है।
गीतांजलि अंगमो ने उपचार पर रोक लगाई
गीतांजलि अंगमो ने जानकारी दी कि परिवार या किसी डॉक्टर की अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई तरल पदार्थ या दवा नहीं दी जाए। संसद का मानसून सत्र जल्द शुरू होने वाला है और अंगमो ने कहा कि अगर सोनम वांगचुक खुद मार्च नहीं कर पाए तो वह संसद तक विरोध मार्च की अगुवाई करेंगी। यह कदम सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और उनके साझा उद्देश्य, दोनों के लिए उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है।
कौन हैं गीतांजलि?
गीतंजलि अंगमो हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की सह-संस्थापक हैं। वे इस संस्थान की संस्थापक CEO और डीन भी हैं। अंगमो सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखने में हमेशा आगे रहती हैं। पिछले साल भी उन्होंने अपने पति की लगभग 170 दिनों की हिरासत के खिलाफ जोरदार तरीके से आवाज उठाई थी। सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। यह दिखाता है कि वे सही के लिए लड़ने से कभी पीछे नहीं हटतीं।