भगोड़े विजय माल्या ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया- मैं कब भारत आऊंगा ये कहना मुश्किल
क्या है खबर?
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को महाराष्ट्र की बॉम्बे हाई कोर्ट को सूचित किया कि वह ब्रिटेन से भारत कब तक लौटेंगे, इसकी तारीख बताना मुश्किल है। माल्या ने यह बयान कोर्ट द्वारा उनके देश लौटने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में आया है। कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ 2018 के भगोड़े आर्थिक अपराधी (FEO) अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई
माल्या के वकील ने पढ़ा उनका बयान
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा अगर माल्या चाहते हैं कि न्यायालय उनकी याचिका पर विचार करे, तो उन्हें भारत लौटना चाहिए। इस पर उनके वकील अमित देसाई ने माल्या का बयान पढ़ा, "उन्हें इंग्लैंड और वेल्स छोड़ने या छोड़ने का प्रयास करने, किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज़ के लिए आवेदन करने या उसे अपने पास रखने की अनुमति नहीं है। किसी भी स्थिति में, याचिकाकर्ता यह स्पष्ट रूप से बताने में असमर्थ है कि वह भारत कब लौटेगा।"
तर्क
माल्या ने कोर्ट में पेश न होने को लेकर तर्क दिया
माल्या के वकील ने यह भी कहा कि FEO अधिनियम के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए उनकी उपस्थिति आवश्यक नहीं है। माल्या ने कहा, "अगर मैं भारत में पेश होता हूं, तो ये सारी कार्यवाही निरर्थक हो जाएगी। क्योंकि कानून कहता है कि आप पेश होते हैं, तो ये सभी आदेश रद्द होंगे। यही कानून का मूल है। इसलिए, अगर मैं वैधता को चुनौती देता हूं, तो मेरे पास अपील या रिट याचिका के जरिए कोई उपाय नहीं बचता।"
नोटिस
केंद्र को जवाब देने को कहा गया
माल्या ने कोर्ट में कहा कि उनका भारतीय पासपोर्ट 2016 में रद्द हुआ था और एक ब्रिटिश अदालत का आदेश उन्हें देश छोड़ने से रोकता है। पीठ ने केंद्र को बयान पर एक हफ्ते में जवाब देने को कहा है। मामले की सुनवाई मार्च में होगी। माल्या 2 मार्च, 2016 से फरार था। 5 जनवरी, 2019 को अदालत ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार उनके प्रत्यर्पण के अंतिम चरण में है।