दुनिया में तेल का हाहाकार, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर; कैसे किया कमाल?
दुनिया भर में तेल के दाम 30 से 55 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, खासकर अमेरिका, जर्मनी और पाकिस्तान जैसे देशों में। इन सबके पीछे हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बना तनाव है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इस अहम तेल मार्ग के आंशिक रूप से बाधित होने से पूरी दुनिया में तेल के दाम में उछाल आया है, मगर भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंप पर इसकी आंच महसूस नहीं हुई है।
नियंत्रित मूल्य निर्धारण ने भारत को बचाया, विशेषज्ञों की चेतावनी
भारत ने इस चुनौती को कई समझदारी भरे कदमों से संभाला है। सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों को नियंत्रित रखकर इस बड़े झटके को काफी हद तक खुद ही झेल लिया। इसके अलावा, देश ने तेल खरीदने के लिए अलग-अलग देशों पर निर्भरता बढ़ाई और अपने बड़े तेल भंडारों का भी खूब इस्तेमाल किया। एक संतुलित टैक्स व्यवस्था ने भी कीमतों में अचानक होने वाले उछाल को थामने में मदद की। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर कच्चे तेल के ऊंचे दाम लंबे समय तक बने रहते हैं, तो भारत को भी अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।