पेट्रोल-डीजल के दाम 10 दिन में चौथी बार बढ़े, 118 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचे दाम
दुनिया भर में तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के कारण भारत में सिर्फ 10 दिनों के भीतर चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ गए हैं। केंद्र सरकार भले ही एक आधार कीमत तय करती है, लेकिन पंप पर आप जो दाम चुकाते हैं, वह काफी हद तक राज्य सरकारों के टैक्स पर निर्भर करता है। यही वजह है कि आपके शहर और राज्य के हिसाब से ईंधन की कीमतों में काफी फर्क देखने को मिल सकता है।
राज्य के टैक्स से ईंधन की कीमतों में बढ़ता अंतर
फिलहाल, विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में ईंधन के दाम सबसे अधिक देखने को मिल रहे हैं। तेलंगाना में पेट्रोल 118.3 रुपये प्रति लीटर, केरल में 114.9 रुपये और कर्नाटक में भी कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं। इन राज्यों में स्थानीय टैक्स ज्यादा होने की वजह से डीजल भी महंगा बिक रहा है। वहीं, बीजेपी शासित राज्यों जैसे गुजरात और हरियाणा में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है, क्योंकि यहां टैक्स का बोझ कम है। इससे साफ पता चलता है कि आप कहां से ईंधन भरवाते हैं, इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है।