अब बच्चों की सेहत से खिलवाड़ नहीं, FSSAI का शिशु आहार में चीनी पर कड़ा प्रस्ताव
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 6 महीने तक के शिशुओं के लिए तैयार किए जाने वाले शिशु आहार में सुक्रोज और फ्रुक्टोज पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह फैसला साल 2024 में हुई एक जांच के बाद लिया गया है। इस जांच में सामने आया था कि भारत में बिकने वाले नेस्ले के सेरेलाक उत्पाद में अतिरिक्त चीनी मिलाई गई थी, जबकि यूरोप में कंपनी इसके चीनी-रहित वर्जन बेचती है। 16 अक्टूबर को जारी हुए इस मसौदे का मुख्य मकसद बचपन से ही चीनी के सेवन को रोकना और विशेष रूप से स्तनपान को बढ़ावा देना है।
FSSAI ने 60 दिनों का स्टेकहोल्डर परामर्श शुरू किया
साल 2024 में भारत के शिशु आहार बाजार का आकार 1.16 अरब डॉलर (लगभग 11,024 करोड़ रुपये) था। अनुमान है कि 2030 तक यह बढ़कर 1.98 अरब डॉलर (लगभग 18,800 करोड़ रुपये) तक पहुंच जाएगा। नए नियमों को अंतिम रूप देने से पहले, FSSAI ने अगले 60 दिनों के लिए सभी संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिशु आहार अधिक से अधिक स्वास्थ्यवर्धक रहे।