FSSAI का बड़ा ऐलान: अब पनीर मतलब सिर्फ दूध, 60 दिन में दें अपनी राय
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) यह सुनिश्चित करना चाहता है कि 'पनीर' नाम सिर्फ उन्हीं उत्पादों के लिए इस्तेमाल हो, जो असल में दूध से बने हों। एक नए ड्राफ्ट नियम के मुताबिक, जो उत्पाद दूध के तत्वों से नहीं बने हैं, वे अब खुद को 'पनीर' नहीं कह पाएंगे। इस नियम को अंतिम रूप देने और बेहतर बनाने के लिए FSSAI अगले 60 दिनों तक आम जनता से राय और सुझाव मांग रहा है।
महाराष्ट्र ने कुछ समय के लिए 'गैर-दूध पनीर' पर लगाई थी पाबंदी
यह कदम तब उठा, जब महाराष्ट्र में कई लोगों ने, जिनमें विधायक विक्रम पाचपुते भी शामिल थे, यह बताया कि असली पनीर और उसके जैसे दिखने वाले नकली उत्पादों में फर्क करना कितना मुश्किल हो गया है। इसके बाद, महाराष्ट्र सरकार ने गैर-दूध पनीर पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया था। अब FSSAI चाहता है कि ऐसे साफ लेबलिंग नियम पूरे भारत में लागू हों, ताकि खरीदारों को पता चल सके कि वे क्या खरीद रहे हैं और दूध उत्पादक किसानों को भी सही कीमत मिल सके।