
बिहार: मुंगेर में फिर भड़की हिंसा, SP कार्यालय में तोड़फोड़; चुनाव आयोग ने कलक्टर-SP को हटाया
क्या है खबर?
बिहार के मुंगेर में सोमवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के द्वारा हुई फायरिंग में युवक की मौत होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
मामले में कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए लोगों ने गुरुवार को सड़कों पर उतरते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय और SDO आवास में जमकर तोड़फोड़ कर दी और कई वाहनों को आग लगा दी।
इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन आयोग ने जिला कलक्टर और SP को हटाने के आदेश दे दिए।
पृष्ठभूमि
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई थी वारदात
सोमवार शाम को मुंगेर जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दीनदयाल चौक पर कुछ बदमाशों ने पथराव शुरू कर दिया था।
पुलिस द्वारा सख्ती बरतने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इसमें एक युवक की मौत हो गई और 21 पुलिसकर्मियों सहित कुल 26 लोग घायल हो गए थे।
मृतक युवक के परिजनों का आरोप था कि पुलिस की गोली से उनके बेटे की मौत हुई है। वहीं, पुलिस ने बदमाशों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
हिंसा
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जमा हुए थे लोग
बुधवार को क्षेत्र में मतदान होने के कारण लोगों को विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। इस पर गुरुवार सुबह करीब 50 लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए बाटा चौक पर जमा हुए थे।
कुछ देर बाद लोग SP कार्यालय और कोतवाली थाने की ओर बढ़ने लगे तो अन्य लोग भी पहुंच गए।
अचानक लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाना शुरू कर दिया और SP और SDO कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी। इसके अलावा कई वाहनों को आग लगा दी।
पथराव
आक्रोशित लोगों ने कोतवाली थाने पर किया पथराव
आक्रोशित लोगों को जब कोतवाली थाना पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
भीड़ ने पुरवासराय चौकी के बाहर खड़े दो सरकारी वाहनों को भी आग लगा दी और मुफस्सिल थाने में भी तोड़फोड़ की।
बाद में अतिरिक्त पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी
पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस ने बताया मामले में कार्रवाई करते हुए अब 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसके अलावा आस-पास लगे CCTV की मदद से भीड़ में शामिल अन्य उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है। उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
कार्रवाई
निर्वाचन आयोग ने कलक्टर और SP को हटाया
मामले में निर्वाचन आयोग ने हिंसा को नियंत्रित करने में विफल रहने पर जिला कलक्टर राजेश मीणा और SP लिपि सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश जारी कर दिए।
इसके अलावा आयोग ने मगध प्रमंडल के कमिश्नर असंगबा चुबा जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए सात दिन में पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने यह भी कहा है कि जिले में नए कलक्टर और SP की नियुक्ति भी जल्द की जाएगी।
बयान
तेजस्वी और चिराग ने मामले में साधा था सरकार पर निशाना
बता दें कि मुंगेर हिंसा को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) नेता चिराग पासवान ने सरकार पर निशाना साधा था।
चिराग ने कहा था कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? मुख्यमंत्री अब जनरल डायर की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने जलियांवाला हत्याकांड का आदेश दिया था।
इसी तरह तेजस्वी ने कहा था कि उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को जनरल डायर बनने की अनुमति किसने दी?