NEET प्रदर्शन पर FIR मामले में 4 राज्यों की सुप्रीम कोर्ट में बड़ी अपील, क्या छात्रों को मिलेगी राहत?
पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वे चाहती हैं कि NEET परीक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई FIR को रद्द कर दिया जाए। ये याचिकाएं संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत दाखिल की गई हैं। यह अनुच्छेद सुप्रीम कोर्ट को 'पूर्ण न्याय' करने की विशेष शक्ति देता है। इस मामले पर 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई भी हुई है।
CJP प्रदर्शनकारी समूह ने सुप्रीम कोर्ट की अनुमति का स्वागत किया
CJP ने सुप्रीम कोर्ट के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह तब किए गए वादों को पूरा करता है, जब प्रदर्शनों को कुछ समय के लिए रोका गया था। संगठन को उम्मीद है कि दूसरे राज्यों को भी जल्द ही ऐसी ही राहत मिल पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को CJP के नेतृत्व में होने वाले प्रदर्शन की भी अनुमति दे दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि स्थानीय प्रशासन को इस दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखनी होगी।