
अहमदाबाद: रसोई गैस सिलेंडर में हुए धमाके से चार बच्चों सहित नौ लोगों की मौत
क्या है खबर?
अहमदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां रसोई गैस सिलेंडर में हुए धमाके से चार बच्चों सहित नौ लोगों की मौत हो गई।
सभी मृतक मध्य प्रदेश के गुना जिले के रहने वाले थे और वहां पर काजू की फैक्ट्री में काम करते थे।
पुलिस ने सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। गुना में एक साथ नौ शव पहुंचने से गांव में शोक की लहर छाई हुई है।
घटना
गैस लीक होने से हुआ हादसा- जड़ेजा
असलाली पुलिस थाने के निरीक्षक पीआर जडेजा ने बताया कि गुना निवासी मजदूर काजू फैक्ट्री में काम करते थे। वह परिवार सहित थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहते थे।
गत 20 जुलाई को मजदूरों का परिवार खाना खाकर सो गया था। उस दौरान रसोई गैस सिलेंडर से गैस लीक हो गई।
दुर्गन्ध आने पर पड़ोसी ने उनका दरवाजा खटखटाया था। इस पर एक मजदूर ने खड़े होकर जैसे ही बिजली चालू की तो धमाका हो गया।
मौत
हादसे में अब तक हुई नौ लोगों की मौत- जड़ेजा
निरीक्षक जड़ेजा ने बताया हादसे में घर में मौजूद 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को असप्ताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान राजू अहिरवार (31), उसकी पुत्री वैशाली (7), पायल (4), पुत्र नितेश (6), सोनू अहिरवार (25), उसका पुत्र आकाश (2) सरजू (17) की मौत हो गई।
इसी तरह रामप्यारी अहिरवार (56) और सीमा अहिरवार (25) ने शुक्रवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। फूल सिंह (30) का इलाज जारी है।
मुआवजा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने की मुआवजे की घोषणा
इधर, घटना को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताया है।
उन्होंने कहा कि अहमदाबाद की राज्य के कई श्रमिकों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।
इस दौरान उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, बच्चों के परिवार को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है।
कोहराम
शवों के गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
गुना पुलिस ने बताया कि जिले के मजदूर लॉकडाउन के बाद हाल ही मजदूरी के लिए अहमदाबाद गए थे। वो वहां काजू फैक्ट्री में काम करते थे, लेकिन हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को जब नौ लोगों के शव गांव पहुंचे तो कोहराम सा मच गया। चारो तरह परिवार के लोगों के चित्कार गूंज रही थी। अन्य लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान आस-पास के घरों में चूल्हे नहीं जले।