विप्रो की पूर्व कर्मचारी ने सहकर्मी पर लगाया धर्मांतरण के लिए मजबूर करने का आरोप
एक पूर्व विप्रो कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि कंपनी के पुणे ऑफिस में उसके एक सहकर्मी ने उस पर इस्लाम में धर्मांतरण करने और संबंध बनाने का दबाव डाला। उनका यह भी कहना है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत की, तो कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय उस पर उल्टा आरोप लगा दिया गया और अगस्त 2025 में एक ऑनलाइन मीटिंग के दौरान उसे नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया। हिंदू जनजाग्रुति समिति (HJS) की तरफ से बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मामला उजागर होने के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उसने विप्रो को 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भी भेजा है।
वकील ने विप्रो से कर्मचारी को बहाल करने की मांग की
पीड़ित महिला के वकील का तर्क है कि उसे नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करना श्रम कानूनों और बुनियादी न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने विप्रो से मांग की है कि महिला को वापस नौकरी पर रखा जाए, उसे मुआवजा दिया जाए और कंपनी इस पूरे मामले पर आधिकारिक तौर पर माफी मांगे। HJS भी सरकार से इस मामले की जांच कराने की मांग कर रहा है। हालांकि, अब तक विप्रो की तरफ से इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।