राम मंदिर के 'खजाने' पर लगी सेंध, छिपे कैमरों ने पकड़ी 'अपनों' की करतूत
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राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने बताया कि दान की रकम और बैंक में जमा हुई रकम में अंतर दिखने के बाद छिपे हुए कैमरे लगाए गए थे। पुलिस की पूछताछ के दौरान राय ने कहा कि उन्हें अपने ही भरोसेमंद स्टाफ से धोखा महसूस हुआ, जो इस धोखाधड़ी में शामिल निकले।
राम मंदिर दान प्रबंधन की जांच कर रही है SIT
कैमरा फुटेज से खुलासा हुआ है कि कर्मचारी गिनती कक्ष से नकदी और गहने चुरा रहे थे। इसके लिए उन्होंने CCTV के ब्लाइंड स्पॉट का फायदा उठाया। पुलिस अब यह भी देख रही है कि दान प्रबंधन के नियमों का सही से पालन हुआ या नहीं। वहीं, स्थानीय वकील राय और ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस घटना ने भारत के सबसे चर्चित मंदिरों में से एक में दान के प्रबंधन पर कई कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।