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फ्लाई91 में 4 घंटे की भयावह उड़ान, रोते-बिलखते भगवान से प्रार्थना करते रहे यात्री
फ्लाई91 में 4 घंटे की भयावह उड़ान में रोते बिलखते दिखे यात्री

फ्लाई91 में 4 घंटे की भयावह उड़ान, रोते-बिलखते भगवान से प्रार्थना करते रहे यात्री

लेखन गजेंद्र
Apr 20, 2026
02:57 pm

क्या है खबर?

तेलंगाना के हैदराबाद से कर्नाटक के हुबली जा रही फ्लाई91 की उड़ान ने एक बार फिर यात्रियों के उड़ान अनुभव को डरावना बना दिया है। रविवार को अपनी डेढ़ घंटे की नियमित उड़ान के दौरान विमान अचानक तकनीकी समस्या की चपेट में आ गया, जिसके बाद विमान 7 घंटे बाद जमीन पर उतरा। इस बीच, करीब 4 घंटे तक विमान आसमान में मंडराता रहा, जिससे विमान में बैठे यात्री रोने-बिलखने लगे और भगवान को याद करने लगे।

संकट

परेशान यात्रियों का वीडियो आया सामने

घटना के एक दिन बाद हैदराबाद-हुबली की फ्लाई91 विमान में सवार यात्रियों का वीडियो सामने आया है, जिसमें विमान के अंदर की गतिविधि दिख रही है। यात्री चिल्लाते और रोते सुनाई पड़ रहे हैं, जबकि एक महिला रोते हुए और प्रार्थना करते दिख रही हैं। "अरे यार... वो ऐसा क्यों कर रहा है," एक आदमी को चिल्लाते हुए सुना जा सकता था। "रो मत, रो मत, कुछ नहीं होता, रुको।" वीडियो में एक और आवाज सुनाई देती है।

बयान

एयरलाइंस का आया बयान, तकनीकी खराबी की बात को नकारा

घटना के बाद एयरलाइंस ने कहा, "जैसा कि मीडिया के कुछ हिस्सों में बताया जा रहा है, हैदराबाद-हुबली उड़ान IC3401 में कोई तकनीकी खराबी नहीं आई। उड़ान हैदराबाद से दोपहर 3 बजे रवाना हुई। हुबली पहुंचने पर खराब मौसम के कारण उड़ान को मानक प्रोटोकॉल के अनुसार बेंगलुरु की ओर मोड़ दिया गया। सुरक्षा से जरा भी समझौता नहीं किया गया। विमान को बेंगलुरु की ओर मोड़ना मानक संचालन प्रक्रिया का हिस्सा था। यह सर्वोत्तम प्रथाओं में से एक है।"

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ट्विटर पोस्ट

विमान में घटना का दृश्य

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विमान में महिला रोती हुईं

घटना

क्या है घटना?

फ्लाई91 एयरलाइंस की उड़ान IC-3401 (ATR टर्बोप्रॉप AT7) रविवार दोपहर लगभग 3 बजे हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुई थी। उसे शाम 4:30 बजे हुबली उतरना था। जैसे ही विमान हुबली के पास पहुंचा, उसमें तकनीकी खराबी की जानकारी मिली और पायलट ने लैंडिंग रद्द कर दी। इस दौरान विमान करीब 4 घंटे तक मुंडगोड, दावणगेरे और शिवमोग्गा सहित कई क्षेत्रों के ऊपर ही मंडराता रहा और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के प्रयास करता रहा।

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