नेपाल बाढ़: 3 शव बहकर उत्तर प्रदेश आए, क्या देर से मिले अलर्ट ने लीं सैकड़ों जानें?
हिमालय में हुए एक भूस्खलन के कारण अचानक आई बाढ़ ने नेपाल और भारत के कुछ हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। इस बाढ़ में 450 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और कई समुदाय पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं। यह भयानक घटना नेपाल-तिब्बत सीमा के पास सुबह-सुबह हुई थी, जिसमें चितवन जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। बाढ़ का पानी तेजी से लगभग 200 किलोमीटर नीचे की ओर बहता चला गया और कई जिलों में लोगों के जीवन को बहा ले गया।
देर से पहुंचे SMS अलर्ट
बाढ़ की चेतावनियां देर से मिलीं, जिसकी वजह से लोगों को बचाव के लिए बहुत कम समय मिल पाया। जलविज्ञानी सौहार्द जोशी ने बताया कि अगर तिब्बत से पहले ही चेतावनी मिल जाती, तो शायद कई जानें बचाई जा सकती थीं।
जब तक SMS अलर्ट भेजे गए, तब तक बहुत नुकसान हो चुका था। चितवन जिले में 132 शव बरामद हुए, जो किसी भी जिले से सबसे ज्यादा थे। बाढ़ अपने साथ मलबा और कुछ शवों को भारत की गंडक नदी में भी बहा ले गई। नेपाल से बहे 3 शव उत्तर प्रदेश में मिले।