मानसून में उड़ान रद्द होने पर एयरलाइंस को उठानी हो यह जिम्मेदारी, यात्रियों को मिलेगी राहत
मानसून के मौसम में भारी बारिश और तूफान के चलते पूरे भारत में उड़ानें रद्द हो जाती हैं। भले ही ऐसी असाधारण परिस्थितियों के लिए एयरलाइंस को मुआवजा न देना पड़े, लेकिन उन्हें आपको कुछ बुनियादी सेवाएं देनी ही होंगी। विमानन विशेषज्ञ धैर्याशील वंडेकर ने बताया कि भले ही मौसम एयरलाइंस के हाथ में नहीं है, लेकिन उसके बाद भी यात्रियों के अधिकार समाप्त नहीं होते।
एयरलाइंस को रिफंड देना होगा या यात्रियों को दूसरी उड़ान में भेजना होगा
अगर खराब मौसम के कारण आपकी उड़ान रद्द होती है, तो एयरलाइंस को आपको पूरा रिफंड देना होगा या दूसरी उड़ान में बिठाना होगा (बशर्ते सीटें खाली हों)। अगर आप हवाई अड्डों पर घंटों फंसे रहते हैं, तो उन्हें आपको खाना और होटल में ठहरने की सुविधा देनी ही होगी, साथ ही होटल आने-जाने के लिए आवागमन का प्रबंध भी करना होगा। वंडेकर सलाह देते हैं कि आप इस बात का लिखित सबूत जरूर लें कि आपकी फ्लाइट क्यों रद्द हुई है और अपने सभी बिलों को संभाल कर रखें, ताकि जरुरत पड़ने पर काम आएं।