किसानों ने रोकी 'कांदा एक्सप्रेस', बोले- खराब प्याज से नहीं थमेगी महंगाई
26 अगस्त को किसानों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली जा रही 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन को नासिक के लासलगांव स्टेशन पर रोक दिया। उनका आरोप था कि ट्रेन में किसानों से खरीदी गई अच्छी क्वालिटी की प्याज की बजाय खराब प्याज भरी जा रही थी।
प्रहार जनशक्ति पार्टी के उत्तर महाराष्ट्र प्रमुख गणेश निम्बालकर के नेतृत्व में, प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। उन्होंने यह भी मांग की कि ट्रेन में क्या भेजा जा रहा है, इसे लेकर और पारदर्शिता बरती जाए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
विरोध प्रदर्शन के कारण ट्रेन काफी देर तक रुकी रही। जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, तब जाकर ट्रेन आगे बढ़ पाई। आखिरकार, 'कांदा एक्सप्रेस' केवल 450 मीट्रिक टन प्याज लेकर रवाना हुई। यह तय किए गए 840 मीट्रिक टन से काफी कम था।
पैक करने, ग्रेडिंग और लोड करने में हुई देरी इसका कारण बनी। यह ट्रेन सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत बढ़ती प्याज की कीमतों को कम करना है। अभी कुछ जगहों पर प्याज 60-70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। सरकार लासलगांव से दिल्ली तक प्याज का बफर स्टॉक भेजकर कीमतों को काबू में करना चाहती है।