
जम्मू-कश्मीर: इंटरनेट पर रोक को विदेश मंत्री जयशंकर का समर्थन, बताया क्यों है जरूरी
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर में फोन और इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक पर अपनी राय व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इनका समर्थन किया है।
जयशंकर ने कहा कि आतंकवादियों के बीच संपर्क को रोकने के लिए ये जरूरी था।
उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं कि आतंकवादियों का इंटरनेट बंद कर दिया जाए और आम लोगों को इंटरनेट चलता रहे।
हालांकि, जयशंकर ने जल्द ही ये पाबंदियां हटने की उम्मीद जताई।
इंटरव्यू
"पूरे कश्मीर को प्रभावित किए बिना आतंकियों की बातचीत रोकना संभव नहीं"
बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में 'पॉलिटिको' मैगजीन को दिए इंटरव्यू में विदेश मंत्री ने ये बातें कहीं।
इंटरनेट और फोन सेवाओं पर लगी पाबंदियों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा, "पूरे कश्मीर को प्रभावित किए बिना आतंकवादियों के बीच संपर्क को रोकना संभव नहीं था। ऐसा कैसे हो सकता है कि एक तरफ में आतंकवादियों और उनके आकाओं का संपर्क काट दूं और दूसरी तरफ बाकी लोगों का इंटरनेट चलता रहे? ये जानकर मुझे बहुत प्रशंसा होगी।"
भरोसा
जयशंकर को भरोसा, जल्दा हटाई जाएंगी पाबंदियां
जयशंकर ने अपने इंटरव्यू में इस बात का भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों को आने वाले दिनों में हटा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसमें इलाके में तैनात किए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को हटाकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को तैनात करना भी शामिल है।
जयशंकर ने कहा कि सच कहूं तो सुरक्षा बलों के पास करने के लिए और भी बहुत से काम हैं।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में लगभग 50,000 अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
जानकारी
5 अगस्त से लगी हैं पाबंदियां
5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद से ही राज्य में फोन, इंटरनेट और टीवी सेवाओं पर रोक समेत कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं। कई पाबंदियों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है, लेकिन इंटरनेट पर रोक बरकरार है।
नापाक साजिश
प्रोपगैंडा वीडियोज के जरिए कश्मीरियों को भड़काने की साजिश कर रहा है पाकिस्तान
खबरों के अनुसार, पाकिस्तान PoK में अपने लोगों को भारतीय सुरक्षा बलों की वर्दी पहनाकर प्रोपगैंडा वीडियो बना रहा है और इन्हें इंटरनेट और सोशल मीडिया पर शेयर कर रहा है।
ऐसे वीडियोज को नागालैंड के विद्रोही समूहों के पास भी भेजा जा रहा है और उन्हें अलग देश की मांग के लिए भड़काया जा रहा है।
कश्मीर में इंटरनेट खुलने पर पाकिस्तान वहां के लोगों को भी भड़काएगा, इसलिए इंटरनेट सेवाओं को अब तक शुरू नहीं किया गया है।
प्रतिक्रिया
इमरान खान के युद्ध और परमाणु हमले के खतरे के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
जयशंकर ने अपने इंटरव्यू में पिछले महीने अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के लेख पर भी प्रतिक्रिया दी।
इमरान ने इस लेख में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होने की संभावना है और दक्षिण एशिया पर परमाणु हमले का खतरा मंडरा रहा है।
जयशंकर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का खुलेआम इस्तेमाल कर रहा है और जब तक वो ये बंद नहीं करता, बातचीत का कोई फायदा नहीं।
आरोपों पर प्रतिक्रिया
कश्मीर पर फैसले के पीछे हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडा होने के आरोपों को भी किया खारिज
जयशंकर ने इमरान खान के उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें उन्होंने कहा था जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक (RSS) और भारतीय जनता पार्टी का मुस्लिम विरोधी हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडा काम कर रहा है।
जयशंकर ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जिस तरीके के लोग ऐसा कहते हैं, वो लोग भारत को नहीं जानते हैं। क्या ये भारत की संस्कृति लगती है?"