तनुश्री दत्ता का बॉलीवुड पर तीखा वार- पहले तारीफ करेंगे, बहकाएंगे और फिर करेंगे सौदा
क्या है खबर?
बॉलीवुड की 'मी टू' लहर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने फिर बॉलीवुड के काले सच को उजागर किया है। उन्होंने मनोरंजन जगत के भीतर होने वाले शोषण पर बेहद गंभीर दावे किए हैं। उनका कहना है कि ग्लैमर की इस दुनिया में आने वाले कई मासूम नए कलाकारों का न केवल इस्तेमाल किया जाता है, बल्कि उनका इस हद तक मानसिक और शारीरिक शोषण होता है कि वे अंत में वेश्यावृत्ति के दलदल में फंस जाते हैं।
दावा
"सिर्फ सुंदरता के दम पर मिलती है तारीफ, प्रतिभा पर कम ध्यान"
मेरी सहेली से तनुश्री बोलीं कि अगर कोई हैंडसम या सुंदर हो तो उसे तुरंत चने के झाड़ पर चढ़ा दिया जाता है। उसमें असल प्रतिभा है या नहीं, ये कोई नहीं देखता। हर किसी को कोई न कोई तारीफ करने वाला मिल जाता है, जो कह देता है आप हीरोइन बनोगे या बड़े स्टार बनोगे। तनुश्री के अनुसार, बॉलीवुड में अक्सर 'मीटिंग्स' के नाम पर नए कलाकारों को गलत जगहों या गलत लोगों के पास भेज दिया जाता है।
दो टूूक
बॉलीवुड में 'चॉकलेट' का मतलब मिठाई नहीं, बड़े सपनों का लालच: तनुश्री
तनुश्री ने कहा, "जब कोई आपकी लगातार तारीफ करता है, तो आप उस पर भरोसा करने लगते हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाकर बहकाने का खेल शुरू होता है।" तनुश्री ने 'संयम' शब्द का इस्तेमाल कर यह साफ किया है कि इस चकाचौंध में बहकना बहुत आसान है, इसलिए खुद पर काबू रखना और सही-गलत की पहचान करना सबसे जरूरी है। तनुश्री ने कहा कि इंडस्ट्री में 'चॉकलेट' का मतलब मिठाई नहीं, बल्कि महत्वाकांक्षा और बड़े सपनों का लालच है।
चेतावनी
"बॉलीवुड में उम्मीदों को हथियार बनाते हैं शिकारी"
तनुश्री ने याद दिलाया जैसे बचपन में माता-पिता अजनबियों से सावधान रहने की सलाह देते हैं, कलाकार बड़े होकर वही गलती कर बैठते हैं। वो बोलीं, "यहां शिकारी आपकी आशाओं और इच्छाओं को हथियार बनाकर आपसे खेलते हैं। मैं ये बोल रही हूं, क्योंकि अगर मैं 2-4 जिंदगियां बचा सूकं तो वो भी बहुत है। अजनबियों और उनके दिए 'लालच' (चॉकलेट) से सावधान रहें, क्योंकि यहां इस्तेमाल करने के बाद लोगों को कचरे की तरह फेंक दिया जाता है।"
समझौत
काम के बदले जिंदगी का सौदा नहीं करेंगी तनुश्री
तनुश्री ने कहा कि इंडस्ट्री की चकाचौंध के पीछे कई कड़वी सच्चाइयां छिपी हैं। उनके मुताबिक, शोषण इतना बढ़ जाता है कि कुछ कलाकारों को वेश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता है, जबकि कुछ मानसिक रूप से टूटकर शहर छोड़ देते हैं। तनुश्री के लिए आत्मसम्मान काम से बढ़कर है। उन्होंने एक अभिनेत्री से दोस्ती इसलिए तोड़ दी क्योंकि वो समझौतों को सही ठहरा रही थी। उन्होंने साफ कहा कि वो काम के बदले अपनी जिंदगी का सौदा कभी नहीं करेंगी।