
दिल्ली में गिरफ्तार IS आतंकी के घर से सुसाइड जैकेट समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद
क्या है खबर?
शुक्रवार को दिल्ली में गिरफ्तार किए गए इस्लामिक स्टेट (IS) के आतंकी के घर से बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुए हैं। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर स्थित आतंकी के घर से जो विस्फोटक सामग्री मिली है, उसमें दो सुसाइड जैकेट भी शामिल हैं।
समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आतंकी इन जैकेट की मदद से फिदायीन हमला करना चाहता था। आतंकी के घर से IS का झंडा भी बरामद हुआ है।
पृष्ठभूमि
शुक्रवार को धौला कुआं से गिरफ्तार किया गया था आतंकी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार रात एक हल्की मुठभेड़ के बाद शहर के धौला कुआं इलाके से एक IS आतंकी को गिरफ्तार किया था। आतंकी ने अपना नाम अबू यूसुफ बताया था और उसके पास से प्रेशर कुकर की मदद से बनाए गए दो IED बम और चार कारतूस के साथ एक बंदूक बरामद हुई थी।
उसके पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई थी और वह दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में धमाके की फिराक में था।
छानबीन
शनिवार को बलरामपुर पहुंची स्पेशल सेल की टीम, गांव को किया सील
आतंकी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला थाना क्षेत्र के बढ़या भैंसाही गांव का रहने वाला है और शनिवार को स्पेशल सेल की टीम यहां पहुंची। टीम ने पूरे गांव को सील कर दिया और उसके घर की छानबीन की।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, छानबीन में उसके घर से सात विस्फोटक पैकेट लगी हुई दो जैकेट और तीन किलोग्राम विस्फोटक लगी चमड़े की एक बेल्ट समेत कुल नौ किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
जांच
आतंकी का असली नाम मोहम्मद मुस्तकीम
छानबीन में बड़ी मात्रा में बिजली के तार, ट्रांसपेरेंट टेप और लीथियम की बैटरी भी बरामद हुईं। इसके अलावा कई मेटल कंटेनर भी मौक पर मिले जिनका इस्तेमाल बम बनाने के लिए किया जाना था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि आतंकी का असली नाम अबू यूसुफ नहीं मोहम्मद मुस्तकीम है और उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपना नकली नाम बताया था।
आतंकी तार
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था मुस्तकीम
स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा के अनुसार, मुस्तकीम सोशल मीडिया के जरिए पिछले कई साल से अफगानिस्तान के इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रोविंस (ISKP) के कमांडरों के सीधे संपर्क में था।
अपनी प्रेस कॉन्फेंस में उन्होंने बताया कि पहले युसूफ अलहिंदी नामक आतंकी हैंडल करता था और सीरिया में उसकी मौत के बाद से अबू हुजाफा नामक एक पाकिस्तानी उसे हैंडल कर रहा था। पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे भारत में अकेले दम पर धमाके करने को कहा था।
कबूलनामा
15 अगस्त को धमाका करना चाहता था आतंकी
कुशवाहा ने बताया था कि मुस्तकीम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में IED धमाका करना चाहता था, लेकिन शहर में कड़ी सुरक्षा के कारण वह शहर में घुस नहीं पाया।
आतंकी ने फिदायीन हमला करने के लिए सुसाइड बेल्ट बनाने की बात भी कबूली है। उसका कहना है कि सारे IED बम उसने खुद ही बनाए थे और इन्हें गांव के ही कब्रिस्तान में छोटे स्तर पर टेस्ट भी किया था।
बयान
आतंकी के परिजनों ने उसकी करतूतों को बताया गलत
इस बीच मुस्तकीम के परिजनों ने उसकी करतूतों पर अफसोस जाहिर किया है और साथ ही माफी की उम्मीद भी जताई है।
उसके पिता ने कहा, "मुझे अफसोस है कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल था। काश उसे एक बार के लिए माफ किया जा सके, लेकिन उसने गलत काम किया है। अगर मुझे उसकी गतिविधियों के बारे में पता होता तो मैं उसे हमेशा के लिए हमें छोड़ने को कहता।"
बयान
पत्नी बोलीं- मैंने किया था मना, नहीं माना मुस्तकीम
वहीं मुस्तकीम की पत्नी ने कहा कि उसने मुस्तकीम को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उसने अपनी पत्नी की भी एक नहीं सुनी।
समाचार एजेंसी से बात करते हुए उसकी पत्नी ने कहा, "उन्होंने घर पर बारूद और अन्य सामग्री इकट्ठा कर ली थी। जब मैंने उनसे यह सब करने से मना किया तो उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे उन्हें रोकना नहीं चाहिए। काश कि उन्हें माफ किया जा सके। मेरे चार बच्चे हैं, मैं कहां जाऊंगी?"